मधेपुरा में केमिस्टों की हड़ताल

मधेपुरा: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्टों की देशव्यापी हड़ताल; मधेपुरा में सभी मेडिकल स्टोर बंद, मरीज और तीमारदार बेहाल

: ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) और बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को मधेपुरा जिले में दवा व्यापारियों की एक दिवसीय हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। केंद्र व राज्य सरकार की ऑनलाइन दवा बिक्री (E-Pharmacy) नीतियों के खिलाफ जिले के तमाम छोटे-बड़े दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखकर इस आंदोलन को अपना शत-प्रतिशत समर्थन दिया।

सुबह से गिरे रहे शटर, जीवन रक्षक दवाओं के लिए भटके मरीज

बुधवार सुबह से ही मधेपुरा शहर सहित ग्रामीण इलाकों की सभी प्रमुख दवा दुकानों और क्लीनिकल स्टोरों के शटर कसकर गिरे रहे। अचानक हुई इस पूर्ण बंदी के कारण अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों और डॉक्टरों की पर्ची लेकर निकले तीमारदारों को भारी किल्लत का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग जीवन रक्षक दवाओं (Life Saving Drugs) के लिए चिलचिलाती धूप में एक दुकान से दूसरी दुकान भटकने को मजबूर दिखे।

सड़कों पर उतरे आक्रोशित केमिस्ट; सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

हड़ताल को पूरी तरह सफल और प्रभावी बनाने के लिए मधेपुरा केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों दवा व्यापारी सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने सदर अस्पताल रोड और प्रमुख चौराहों पर मार्च निकाला और कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाली सरकारी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

क्यों हो रहा है ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध?

एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और दवा व्यवसायियों ने अपनी मुख्य चिंताओं को मीडिया के सामने रखा:

  • कारोबार चौपट होने का डर: केमिस्टों का आरोप है कि सरकार द्वारा ई-फार्मेसी और ऑनलाइन दवा बिक्री को बढ़ावा देने से देश व राज्य के लाखों छोटे खुदरा दवा व्यापारियों के पेट पर लात पड़ेगी और उनका पारंपरिक कारोबार पूरी तरह चौपट हो जाएगा।

  • नियमों की जटिलता: दवाओं के स्टॉक और बिक्री को लेकर सरकार द्वारा थोपे जा रहे नए कड़े और जटिल नियम छोटे दुकानदारों के लिए व्यावहारिक नहीं हैं।

  • नशीली दवाओं का खतरा: प्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि ऑनलाइन माध्यम से बिना वैध पर्ची के भी नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की होम डिलीवरी का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा, जो समाज के लिए घातक है।

इमरजेंसी सेवाओं को मिली छूट, प्रशासन रहा अलर्ट

दवाओं की कमी के कारण किसी मरीज की जान पर न बन आए, इसके लिए मानवीय आधार पर केमिस्ट एसोसिएशन ने आपातकालीन (Emergency) सेवाओं और सदर अस्पताल परिसर के भीतर स्थित कुछ चुनिंदा दवा काउंटरों को इस बंदी से मुक्त रखा था। वहीं, अचानक हुए इस बड़े आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की टीमें भी अलर्ट मोड़ पर रहीं, ताकि मरीजों की सुविधा सुनिश्चित की जा सके और कानून-व्यवस्था की कोई स्थिति पैदा न हो।

केमिस्ट एसोसिएशन ने दो टूक शब्दों में सरकार को चेतावनी दी है कि यदि ऑनलाइन फार्मूलों और नए दमनकारी नियमों को वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।


(मधेपुरा – गौरव कबीर)

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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