SSCपरीक्षा का पर्दाफाश 7गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा में SSC परीक्षा में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़; एसटीएफ ने परीक्षा केंद्र संचालक सहित 7 को दबोचा, 50 लाख नकद और 5 लैपटॉप बरामद
(ग्रेटर नोएडा): उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित की जा रही ऑनलाइन कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) और राइफलमैन परीक्षा-2026 में बड़े पैमाने पर सेंधमारी करने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ की नोएडा फील्ड इकाई ने ग्रेटर नोएडा के एक परीक्षा केंद्र पर छापेमारी कर गिरोह के मुख्य सरगना व केंद्र संचालक प्रदीप चौहान सहित कुल 7 अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
गिरोह के पास से भारी मात्रा में नगदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं, जिससे साफ है कि यह नेटवर्क बेहद हाईटेक तरीके से काम कर रहा था।
बालाजी डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर एसटीएफ का छापा
एसटीएफ उत्तर प्रदेश (प्रेस नोट संख्या: 151) के अनुसार, यह सफल कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक (STF नोएडा फील्ड इकाई) श्री राज कुमार मिश्रा के पर्यवेक्षण और पुलिस उपाधीक्षक श्री नवेन्दु कुमार के नेतृत्व में उप निरीक्षक अक्षय पी.के. त्यागी की टीम द्वारा की गई:
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गुप्त सूचना पर कार्रवाई: दिनांक 22 मई 2026 को एसटीएफ को पुख्ता सूचना मिली कि थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र के अंतर्गत स्थित ‘बालाजी डिजिटल जोन’ परीक्षा केंद्र पर प्रॉक्सी सर्वर लगाकर और स्क्रीन शेयरिंग एप्लीकेशन के जरिए बाहर बैठे सॉल्वर से पेपर हल कराया जा रहा है।
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रंगे हाथों गिरफ्तारी: इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसटीएफ की टीम ने शाम करीब 17:20 बजे परीक्षा केंद्र (बोधी तारू इंटरनेशनल स्कूल परिसर) पर छापा मारकर मुख्य अभियुक्त प्रदीप चौहान, गिरोह के सदस्यों और दो अभ्यर्थियों सहित 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
50 लाख रुपये कैश और हैकिंग टूल्स बरामद
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से एसटीएफ ने परीक्षा में धांधली और अवैध उगाही से जुड़े निम्नलिखित सामान बरामद किए हैं:
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नगदी: ₹50,00,000/- (50 लाख रुपये नगद)
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इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: 10 मोबाइल फोन, 05 लैपटॉप और 01 राउटर
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दस्तावेज: धांधली में शामिल अभ्यर्थियों की एक सूची, 02 प्रवेश पत्र (Admit Cards), और परीक्षा कराने वाली ‘Eduquity Company’ की 4 एंट्री व पहचान पत्र।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
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प्रदीप चौहान (मुख्य अभियुक्त व केंद्र संचालक) – निवासी खतौली, मुजफ्फरनगर।
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अरुण कुमार (आईटी हेड) – निवासी महावन, मथुरा।
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संदीप भाटी (लैब सुपरवाइजर/एजेंट) – निवासी ककौड़, बुलंदशहर।
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निशान्त राघव – निवासी अरनिया, बुलंदशहर।
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अमित राणा (तकनीकी मास्टरमाइंड) – निवासी बड़ौत, बागपत।
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शाकिर मलिक (परीक्षार्थी/अभ्यर्थी) – निवासी छपरौली, बागपत।
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विवेक कुमार (परीक्षार्थी/अभ्यर्थी) – निवासी नरसेना, बुलंदशहर।
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा: ऐसे हैक करते थे ऑनलाइन सिस्टम
गिरफ्तार मुख्य अभियुक्त प्रदीप चौहान (उम्र 36 वर्ष, एम.कॉम पास) ने पूछताछ में बताया कि उसने ग्रेटर नोएडा में ‘बालाजी डिजिटल जोन’ नाम से ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बनाया था, जहां ‘Eduquity Company’ के माध्यम से एसएससी की परीक्षा संचालित हो रही थी।
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प्रॉक्सी सर्वर का खेल: प्रदीप की मुलाकात बागपत के अमित राणा से हुई थी, जिसने मुख्य सर्वर को बाईपास करके प्रॉक्सी सर्वर के माध्यम से ‘Screen Sharing Viewer Application’ का उपयोग करने का तरीका ढूंढा। इससे परीक्षा केंद्र के कंप्यूटर की स्क्रीन बाहर बैठे सॉल्वर को दिखने लगती थी और वह पेपर सॉल्व कर देता था।
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अंदरूनी स्टाफ की मिलीभगत: केंद्र पर प्रॉक्सी सर्वर स्थापित करने का काम आईटी हेड अरुण कुमार करता था, जो पहले इसी सेंटर पर इनविजिलेटर (परीक्षा पर्यवेक्षक) के रूप में आया था। वहीं संदीप भाटी नामक अभियुक्त, जो विभिन्न कंपनियों में लैब सुपरवाइजर का काम करता था, ऐसे कमजोर कैंडिडेट की तलाश करता था जो पैसे देकर पास होना चाहते थे। वह अभ्यर्थी विवेक और शाकिर को इसी मोटी रकम के लालच में गिरोह के पास लेकर आया था।
प्रति अभ्यर्थी 4 लाख का सौदा
पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग प्रत्येक अभ्यर्थी से पेपर पास कराने के एवज में 4 लाख रुपये वसूलता था। इस राशि में से ₹50,000 अभ्यर्थी को फंसाकर लाने वाले एजेंट (संदीप भाटी आदि) को मिलते थे, जबकि शेष ₹3.5 लाख मुख्य सरगना प्रदीप चौहान, तकनीकी हैकर अमित राणा और बाहर बैठकर पेपर सॉल्व करने वाले ‘सॉल्वर’ के बीच बराबर बंटते थे।
संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज
इस हाईटेक धोखाधड़ी के संबंध में थाना नॉलेज पार्क (कमिशनरेट गौतमबुद्धनगर) में अभियुक्तों के खिलाफ मु.अ.सं. 104/2026 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(3), 111(4), 318(2), 61, ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) उपाय अध्यादेश 2023’ की धारा 11/12, और सूचना प्रौद्योगिकी (IT Act) संसोधन अधिनियम की धारा 66 के तहत संगीन मामला पंजीकृत कराया गया है। स्थानीय पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक व अदालती कार्रवाई की जा रही है
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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