सीवान: AK-47 फायरिंग वाला जवान सस्पेंड
बिहार: नीट प्रदर्शन में AK-47 से फायरिंग करने वाला जवान निलंबित; 258 से अधिक गिरफ्तार, बेऊर जेल भेजे गए छात्र
रिपोर्ट: सोनू कुमार (पत्रकार)
नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर बिहार बंद के दौरान सीवान जिले में हुए उग्र प्रदर्शन के बीच AK-47 से हवाई फायरिंग करने वाले पुलिस जवान को निलंबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर फायरिंग का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
निलंबित जवान की पहचान एसआईटी (SIT) टीम में तैनात अभिषेक पटेल के रूप में हुई है।
सीवान में उग्र हुआ था प्रदर्शन, एसपी भी हुए थे घायल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी सीवान के गांधी मैदान में जुटने लगे थे, जिसके बाद आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया:
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पथराव और हंगामा: प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर जेपी चौक और गांधी मैदान के पास पुलिस पर पथराव किया।
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एसपी घायल: इस हिंसक झड़प में सीवान के पुलिस अधीक्षक (SP) पुराण कुमार झा के पैर में गंभीर चोट आई। इसके साथ ही कई अन्य पुलिसकर्मी और कवरेज कर रहे पत्रकार भी घायल हुए।
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AK-47 से फायरिंग: भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। इसी दौरान जवान अभिषेक पटेल द्वारा AK-47 से फायरिंग करने का वीडियो सामने आया, जिसमें 3 छात्रों को गोली लगने की बात कही जा रही है। वीडियो वायरल होते ही विभागीय जांच के आदेश दिए गए।
वरिष्ठ पत्रकार रूबी अरुण ने उठाए सवाल: 258 गिरफ्तार, 6000 पर FIR
मामले पर वरिष्ठ पत्रकार रूबी अरुण ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
“जब केंद्र सरकार द्वारा छात्रों पर मुकदमे दर्ज न करने और दर्ज मामले वापस लेने का भरोसा दिया गया था, तो इसके बावजूद बिहार में दर्जनों थानों के जरिए छात्रों को क्यों जेल भेजा जा रहा है और उनके परिजनों को परेशान किया जा रहा है?”
बिहार में पुलिसिया कार्रवाई के आंकड़े:
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258 से अधिक गिरफ्तारियां: रविवार-सोमवार की दरमियानी रात दर्जनों छात्रों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर जमानत याचिका खारिज होने के बाद पटना की बेऊर जेल भेज दिया गया।
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गांधी मैदान थाना अव्वल: अब तक कुल 24 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें अकेले पटना के गांधी मैदान थाने से सर्वाधिक 138 गिरफ्तारियां हुई हैं।
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गंभीर धाराएं आयद: लगभग 6,000 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार छात्रों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) और धारा 121 (सरकारी कर्मचारी पर हमला व कार्य में बाधा) जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
छात्र संगठनों और नागरिक समाज ने गिरफ्तार छात्रों पर से गंभीर धाराएं हटाने और उन्हें तुरंत रिहा करने की मांग की है।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,)
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

