शूलिनी विश्वविद्यालय ने रचा नया मुकाम
लगातार तीसरी बार Top 500 में शूलिनी, दुनिया में बढ़ा हिमालयी विश्वविद्यालय का कद
शूलिनी विश्वविद्यालय की वैश्विक उड़ान, THE Ranking में Top 500 में लगातार तीसरी बार जगह
मुंबई (अनिल बेदाग): हिमालयी क्षेत्र से निकलकर वैश्विक अकादमिक मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा शूलिनी विश्वविद्यालय लगातार तीसरे वर्ष दुनिया की Top 500 यूनिवर्सिटीज में शामिल हुआ है।
टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में विश्वविद्यालय को 451–500 बैंड में स्थान मिला है और भारत में वह तीसरे स्थान पर रहा। भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु और साविता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज के बाद Top 500 में जगह बनाने वाला शूलिनी भारत का तीसरा संस्थान है।
विश्वविद्यालय के फाउंडर चांसलर प्रो. पी.के. खोसला ने कहा, “हमारा उद्देश्य था कि हिमालयी क्षेत्र में स्थित कोई विश्वविद्यालय भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके। हमारा लक्ष्य अगले तीन वर्षों में दुनिया की Top 200 यूनिवर्सिटीज में शामिल होना है।”
शूलिनी ने Research Quality में वैश्विक 184वां स्थान हासिल किया है, जबकि International Outlook में भारत में तीसरा स्थान मिला है। प्रो चांसलर प्रो. विशाल आनंद ने कहा, “लगातार तीन वर्षों तक Top 500 में बने रहना निरंतर प्रयास और प्रदर्शन की मांग करता है। यह उपलब्धि शूलिनी से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।”
चांसलर प्रो. विशाल आनंद ने कहा, “एक बार Top 500 में जगह बनाना निश्चित रूप से एक उपलब्धि है। लेकिन लगातार तीन वर्षों तक इस सूची में बने रहना अधिक चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि इसके लिए हर वर्ष निरंतर प्रयास और प्रदर्शन की आवश्यकता होती है। यह परिणाम उन सभी लोगों के प्रयासों को दर्शाता है जो शूलिनी की प्रगति में लगातार योगदान दे रहे हैं।” 2027 की THE रैंकिंग में दुनिया के 2,297 संस्थान शामिल हैं, जिनमें भारत के 143 संस्थान हैं। यह उपलब्धि शूलिनी के शोध, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और उच्च शिक्षा में बढ़ती वैश्विक मौजूदगी को रेखांकित करती है।
