शेखपुरा: टीबी मुक्त अभियान शुरू
टीबी मुक्त शेखपुरा’ का संदेश: सिरारी में टीबी स्क्रीनिंग शिविर का एसीएमओ डॉ. अशोक सिंह ने किया औचक निरीक्षण
शेखपुरा (बिहार): जिला पदाधिकारी (डीएम) के विशेष निर्देश पर पूरे जिले में चलाए जा रहे व्यापक टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय है। इसी क्रम में बुधवार को शेखपुरा प्रखंड के अंतर्गत सिरारी पंचायत में आयोजित विशेष टीबी स्क्रीनिंग शिविर का औचक निरीक्षण अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (ACMO) डॉ. अशोक कुमार सिंह ने किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी व्यवस्थाओं को परखा और स्थानीय नागरिकों को जागरूक किया।
विभिन्न विभागों के समन्वय से 14 अगस्त तक चलेगा अभियान
स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस राष्ट्रव्यापी मुहिम को सफल बनाने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय का एक बेहतरीन मॉडल तैयार किया गया है:
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महा-अभियान की अवधि: यह विशेष स्क्रीनिंग अभियान 3 जुलाई से शुरू होकर 14 अगस्त तक लगातार संचालित किया जाएगा।
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सामूहिक सहभागिता: इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ आईसीडीएस (ICDS), शिक्षा विभाग, जीविका समूह और कृषि विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।
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घर-घर दस्तक: अभियान का मुख्य उद्देश्य टीम बनाकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर टीबी (तपेदिक) के संभावित मरीजों की शुरुआती स्तर पर ही पहचान करना है।
एसीएमओ ने स्वयं किया स्वास्थ्य परीक्षण, दिए कड़े निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह ने शिविर की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने न केवल प्रशासनिक समीक्षा की, बल्कि शिविर में पहुंचे लाभार्थियों का स्वयं स्वास्थ्य परीक्षण (Health Check-up) कर उन्हें उचित चिकित्सीय परामर्श दिया।
डॉ. सिंह ने मौके पर मुस्तैद स्वास्थ्यकर्मियों और एएनएम को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि संभावित टीबी मरीजों की पहचान समय पर सुनिश्चित की जाए। बलगम (Sputum) की जांच और इलाज की प्रक्रिया शुरू करने में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दो सप्ताह से अधिक खांसी हो तो तुरंत कराएं जांच: डॉ. सिंह
ग्रामीणों को बीमारी के प्रति सचेत करते हुए अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने टीबी के मुख्य लक्षणों और उसके उपचार के बारे में महत्वपूर्ण चिकित्सकीय जानकारी साझा की:
🩺 टीबी के प्रमुख लक्षण:
लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी का होना।
शाम के समय हल्का या तेज बुखार आना।
अचानक वजन में लगातार कमी होना और भूख न लगना।
रात के समय सोते समय अचानक पसीना आना।
उन्होंने अपील की कि यदि किसी भी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो वे बिना डरे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर अपनी निःशुल्क जांच कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीबी पूरी तरह से उपचार योग्य (Curable) बीमारी है। समय पर सही जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित दवा का सेवन करने से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। सरकार द्वारा मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए सीधे बैंक खाते में वित्तीय सहायता भी दी जाती है।
अंत में, उन्होंने सभी विभागों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, जीविका दीदियों और आम जनमानस से इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में अपना पूर्ण सहयोग देने की अपील की, ताकि हम सब मिलकर “टीबी मुक्त शेखपुरा – टीबी मुक्त भारत” के पावन संकल्प को समय से सिद्ध कर सकें।
रिपोर्ट: उमेश कुमार, शेखपुरा (बिहार)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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