शेखपुरा: नई ठोस अपशिष्ट नियमावली 2026

शेखपुरा में ‘ठोस अपशिष्ट नियमावली 2026’ लागू: अब 4 अलग रंगों के डिब्बों में बंटेगा कचरा, नियम तोड़ने पर लगेगा भारी जुर्माना!

शेखपुरा (बिहार):

बरबीघा और शेखोपुरसराय शहर को प्रदूषण मुक्त, स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए शेखपुरा जिला प्रशासन ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है. समाहरणालय के मंथन सभागार में जिला पदाधिकारी (DM) श्री शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक (SP) श्री बलिराम कुमार चौधरी की संयुक्त अध्यक्षता में ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026’ को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

🎨 अब कचरा 4 अलग रंगों के डिब्बों में बंटेगा

जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने बताया कि कचरे के वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से निपटान के लिए अब जिले में 4 अलग-अलग रंगों के डस्टबिन (कूड़ेदान) का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा:

  1. हरा डिब्बा (गीला कचरा): इसमें रसोई का बचा हुआ खाना, फल और सब्जियों के छिलके डाले जाएंगे, जिससे जैविक खाद और बायोगैस तैयार की जाएगी.

  2. नीला डिब्बा (सूखा कचरा): इसमें कागज, गत्ता, प्लास्टिक, कांच और धातु की वस्तुएं रखी जाएंगी, जिन्हें रीसायकल (Recycle) किया जा सके.

  3. लाल डिब्बा (दूषित कचरा): इसमें इस्तेमाल किए गए डायपर, सैनिटरी पैड और मास्क जैसी चीजें अलग से कागज में लपेटकर ही फेंकनी होंगी.

  4. काला डिब्बा (खतरनाक कचरा): इसमें पुरानी बैटरी, ट्यूब लाइट, एक्सपायर्ड दवाइयां, कीटनाशक के डिब्बे और ई-वेस्ट (E-Waste) को डाला जाएगा.

🏢 बड़े संस्थानों (Bulk Waste Generators) के लिए सख्त नियम

होटल, अस्पताल, मैरिज हॉल और स्कूलों जैसे बड़े पैमाने पर कचरा पैदा करने वाले संस्थानों के लिए नई कड़े गाइडलाइंस जारी की गई हैं:

  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: ऐसे संस्थान जिनका क्षेत्रफल 20,000 वर्ग मीटर से अधिक है, जहां प्रतिदिन 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा निकलता है या फिर रोजाना 40,000 लीटर से अधिक पानी की खपत होती है, उन्हें अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा.

  • परिसर में ही निपटान: इन बड़े संस्थानों को अपने परिसर से निकलने वाले गीले कचरे को खुद के प्लांट में खाद या बायोगैस बनाकर निपटाना होगा.

  • वार्षिक रिपोर्ट: सभी चिन्हित संस्थानों को हर साल 30 जून तक अपनी वार्षिक अपशिष्ट रिपोर्ट प्रशासन को सौंपनी होगी.

📅 31 अक्टूबर 2026 तक हटेंगे सभी पुराने डंपसाइट

नगर परिषद ने पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है:

  • शहरों में बने पुराने कचरा डंपसाइट्स (खटालों) को 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी तरह से साफ कर वहां से हटा दिया जाएगा.

  • कचरा बीनने वाले गरीब परिवारों को इस पूरी व्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक रोजगार और पहचान पत्र देने की भी मानवीय योजना तैयार की गई है.

🚫 नियम तोड़ने पर लगेगा पर्यावरण मुआवजा (जुर्माना)

डीएम ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति कचरे को खुले में न फेंके और न ही उसमें आग लगाए। नए नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों और संस्थानों के खिलाफ पहले चेतावनी दी जाएगी, और उसके बाद भी सुधार न होने पर भारी जुर्माना व पर्यावरण मुआवजे की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में बरबीघा और शेखोपुरसराय के नगर सभापति, उपसभापति, नगर कार्यपालक पदाधिकारी, सहायक अभियंता (AE) और कनीय अभियंता (JE) मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


रिपोर्ट: उमेश कुमार,शेखपुरा

(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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