शेखपुरा: ‘बाल श्रम मुक्त बिहार’ अभियान
शेखपुरा में ‘बाल श्रम मुक्त बिहार’ अभियान का शंखनाद: DM शेखर आनंद ने ‘ई-रथ’ को दिखाई हरी झंडी, अफसरों ने ली शपथ!
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के खास मौके पर शेखपुरा जिला प्रशासन ने मासूमों के भविष्य को संवारने और बाल मजदूरी के खिलाफ एक बड़े चौतरफा अभियान का आगाज किया है। समाहरणालय परिसर से जिला पदाधिकारी (DM) श्री शेखर आनंद ने ‘बाल श्रम मुक्त बिहार’ अभियान के तहत विशेष जागरूकता ‘ई-रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले से बाल श्रम को जड़ से खत्म करने के लिए वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
🛞 क्या है ‘ई-रथ’ और कैसे करेगा काम?
बाल मजदूरी के खिलाफ अलख जगाने के लिए रवाना किया गया यह ‘ई-रथ’ पूरे जिले में घूमेगा:
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प्रखंडों में दस्तक: यह विशेष जागरूकता वाहन जिले के सभी प्रखंडों, गांवों और शहरी क्षेत्रों का दौरा करेगा।
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शिक्षा और कानून की जानकारी: ई-रथ के जरिए लोगों को बाल श्रम रोकने, बच्चों के लिए शिक्षा के महत्व और बाल मजदूरी से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति ऑडियो-विजुअल माध्यमों से जागरूक किया जाएगा।
✋ “पूरी संवेदनशीलता से करेंगे काम”— अधिकारियों ने ली सामूहिक शपथ
अभियान की शुरुआत के साथ ही समाहरणालय के मंथन सभागार में एक विशेष शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। डीएम शेखर आनंद ने सभी विभागों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों को बाल श्रम उन्मूलन की सामूहिक शपथ दिलाई। अधिकारियों ने पूरी निष्ठा से प्रतिज्ञा करते हुए कहा:
“मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि राज्य को बाल श्रम से मुक्त बनाने के लिए पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य करूंगा।”
🤝 “यह सरकारी अभियान नहीं, सामाजिक मिशन है”— डीएम
इस मौके पर जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि बाल श्रम की रोकथाम सिर्फ एक सरकारी कागजी अभियान नहीं, बल्कि एक बड़ा सामाजिक मिशन है। इसे धरातल पर पूरी तरह सफल बनाने के लिए हर विभाग को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ टीम भावना से काम करना होगा।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त (DDC), अपर समाहर्ता विभागीय जांच, गोपनीय प्रभारी, श्रम अधीक्षक सहित सभी विभागों के कार्यालय प्रधान और प्रशासनिक अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

