SASCI योजना: मुख्य सचिव के निर्देश
मुख्य सचिव ने ‘SASCI’ योजना 2026-27 की समीक्षा की; सभी विभागों को प्रोजेक्ट शीघ्र तैयार करने के निर्देश
पटना: बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज ‘राज्य पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना’ (SASCI) 2026-27 को लेकर एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बिहार की हिस्सेदारी सुनिश्चित करना और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अनिवार्य शर्तों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करना था।
₹2 लाख करोड़ का केंद्रीय आवंटन: 50 साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण
वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ने बैठक में बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने वर्ष 2026-27 के लिए सभी राज्यों हेतु कुल ₹2,00,000 करोड़ का प्रावधान किया है।
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बड़ी राहत: यह राशि राज्यों को 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दी जा रही है।
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उद्देश्य: राज्यों में पूंजीगत कार्यों (Infrastructure) को गति देना और अर्थव्यवस्था की उत्पादक क्षमता को सुदृढ़ करना।
योजना के प्रमुख प्रावधान और प्राथमिकताएं
बैठक में योजना के विभिन्न भागों और क्षेत्रवार प्रोत्साहनों पर विस्तृत चर्चा हुई:
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अनटाइड फंड्स (Part-I): कुल ₹75,000 करोड़ में से ₹67,000 करोड़ राज्यों को उनकी कर हिस्सेदारी के आधार पर मिलेंगे।
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क्षेत्रवार प्रोत्साहन (12 भाग): * कृषि (एग्रीस्टैक): ₹13,000 करोड़ का आवंटन।
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खनन सुधार: ₹5,000 करोड़।
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आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर: सार्वजनिक वित्त के लिए ₹4,000 करोड़।
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विशिष्ट प्रोजेक्ट्स: यूनिटी मॉल, पुलिस आवास, कामकाजी महिला छात्रावास और पर्यटन केंद्रों का वैश्विक विकास केंद्र की प्राथमिकता सूची में शामिल हैं।
मुख्य सचिव के कड़े निर्देश
मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने विभागवार समीक्षा करते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए:
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अनिवार्य शर्तें: सभी विभाग केंद्र के दिशा-निर्देशों और ब्रांडिंग नियमों का अक्षरशः पालन करें।
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उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC): 31 मार्च 2026 तक खर्च की गई राशि का UC, प्रपत्र 12-बी में PFMS पोर्टल के माध्यम से समय पर जमा करें।
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वित्तीय अनुशासन: सिंगल नोडल एजेंसी (SNA) के खातों में जमा ब्याज राशि को भारत की संचित निधि (CFI) में तत्काल जमा कराएं।
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प्रोजेक्ट फाइनल करना: प्रत्येक विभाग आगामी वर्ष के लिए अपने 5 प्राथमिकता वाले क्षेत्र चुनकर शीघ्र प्रस्ताव भेजें ताकि बिहार को योजना का अधिकतम लाभ मिल सके।
नियमित निगरानी की व्यवस्था
योजना की गति बनाए रखने के लिए निगरानी का दोहरा तंत्र तैयार किया गया है:
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साप्ताहिक/नियमित समीक्षा: वित्त विभाग के विशेष सचिव श्री मुकेश कुमार लाल करेंगे।
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पाक्षिक समीक्षा (Fortnightly): अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग स्वयं उच्च स्तरीय प्रगति की निगरानी करेंगे।
बैठक में विभिन्न विभागों के आला अधिकारी उपस्थित थे, जिन्हें मिशन मोड में काम करने की हिदायत दी गई है।
(रिपोर्ट: विक्रम कुमार, पटना)
- गोपाल चन्द्र अग्रवाल, सीनियर एडिटर
- (Allrights Magazin)

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