मुख्य सचिव ने की स्व-गणना की समीक्षा

मुख्य सचिव ने स्व-गणना और HLB डिमारकेशन की समीक्षा की; पिछड़े जिलों को एक हफ्ते का अल्टीमेटम

पटना: बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों (DM) के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में जनगणना-2027 के तहत चल रहे स्व-गणना (Self-Enumeration) कार्य और हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स (HLB) के डिमारकेशन व जियो टैगिंग की वर्तमान प्रगति की समीक्षा की गई।


प्रदर्शन के आधार पर जिलों की रैंकिंग

समीक्षा के दौरान विभिन्न जिलों के प्रदर्शन का विश्लेषण किया गया, जिसमें कुछ जिलों ने उत्कृष्ट कार्य किया है:

  • स्व-गणना में अग्रणी जिले: वैशाली, मधुबनी, खगड़िया, भागलपुर और सहरसा।

  • HLB डिमारकेशन और जियो टैगिंग में प्रथम: सहरसा, सिवान, रोहतास, पूर्णिया और खगड़िया।

पिछड़े जिलों को सख्त निर्देश

मुख्य सचिव ने उन जिलों के प्रति नाराजगी व्यक्त की जिनकी प्रगति लक्ष्य के अनुरूप नहीं है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए:

  1. रणनीति और अल्टीमेटम: कम प्रगति वाले जिले विशेष रणनीति बनाएं और अगले एक हफ्ते के भीतर काम में तेजी लाएं।

  2. दैनिक समीक्षा: सभी जिलाधिकारी इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य की स्वयं प्रतिदिन (Daily) समीक्षा करें।

बिहार में स्व-गणना का वर्तमान आंकड़ा

जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रंजीता ने बैठक में महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए:

  • कुल प्रगति: अब तक बिहार में 3 लाख 28 हजार से अधिक नागरिकों ने अपनी स्व-गणना पूरी कर ली है।

  • नोडल अधिकारियों की नियुक्ति: तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हर जिले में एक नोडल अधिकारी नामित किया गया है। ये अधिकारी प्रगणकों (Enumerators) को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ जियो टैगिंग प्रक्रिया में मार्गदर्शन भी करेंगे।

समस्या समाधान के लिए ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’

निदेशालय स्तर पर तीन क्विक रिस्पॉन्स टीमें (QRT) गठित की गई हैं। ये टीमें जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करेंगी और धरातल पर आने वाली किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा का तत्काल निदान करेंगी।

बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पारदर्शिता और शुद्धता के साथ डेटा संकलन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

(रिपोर्ट: विक्रम कुमार, पटना)

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