**संजीत कुमार की बढ़ी परेशानी**

रेलवे की नौकरी छोड़ JSSC CGL पास करने वाले संजीत की बढ़ीं मुश्किलें, जानें पूरा मामला

संवाद सहयोगी, इटखोरी (चतरा)। झारखंड सरकार में सेवा देने और अपने राज्य लौटने की चाहत में भारतीय रेलवे की पक्की नौकरी छोड़ने वाले इटखोरी (देवी मंडप निवासी) के संजीत कुमार की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गुवाहाटी में रेलवे के पद पर कार्यरत संजीत ने अपनी लगन और मेहनत के बल पर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित ‘कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल’ (CGL) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की थी।

राज्य की सेवा के लिए छोड़ी थी रेलवे की नौकरी

संजीत कुमार पूर्व में भारतीय रेल के गुवाहाटी डिवीजन में अपनी सेवाएं दे रहे थे। जब जेएसएससी सीजीएल का परिणाम आया और उनका चयन हुआ, तो उन्होंने गृह राज्य में रहकर काम करने की इच्छा से रेलवे की अपनी नौकरी से त्यागपत्र (Resignation) दे दिया। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही आयोग द्वारा नियुक्ति पत्र जारी कर दिया जाएगा और वे अपने गृह राज्य में योगदान दे सकेंगे।

क्यों बढ़ी संजीत की परेशानी?

नौकरी छोड़ने के बाद अब संजीत के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है:

  • नियुक्ति प्रक्रिया में देरी: सीजीएल परीक्षा और उसकी चयन प्रक्रिया को लेकर चल रही कानूनी एवं प्रशासनिक उलझनों के कारण नियुक्ति प्रक्रिया अटक गई है।

  • दोनों तरफ से संकट: रेलवे से इस्तीफा देने के कारण पुरानी नौकरी हाथ से चली गई है और दूसरी तरफ राज्य सरकार में नई जॉइनिंग न मिलने से वे बेरोजगार हो गए हैं।

  • पारिवारिक दबाव: घर के इकलौते कमाऊ सदस्य होने के नाते, लंबे समय से नियुक्ति अटकी होने से उनके और परिवार के सामने आर्थिक तथा मानसिक दबाव काफी बढ़ गया है।

स्थानीय निवासियों और परिजनों ने राज्य सरकार व संबंधित आयोग से गुहार लगाई है कि सफल अभ्यर्थियों की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाए, ताकि संजीत जैसे होनहार युवाओं का भविष्य अंधकारमय होने से बच सके।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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