राजेश अग्रवाल: शिक्षित बनो, शासन करो
शिक्षित बनो, शासन करो”: सपा नेता राजेश अग्रवाल ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र
(रिपोर्ट: बरेली डेस्क)
बरेली: बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) के सदस्य और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता राजेश अग्रवाल ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के मूल मंत्र “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में दोहराते हुए युवाओं से “शिक्षित बनो, शासन करो” का आह्वान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिना शिक्षा के सत्ता और शासन की भागीदारी अधूरी है।
राजेश अग्रवाल ने शिक्षा और राजनीति के अंतर्संबंधों पर अपने विचार साझा करते हुए निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया:
1. शिक्षा ही सत्ता की असली चाबी
राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन का हथियार है। उन्होंने कहा, “जब समाज का हर वर्ग शिक्षित होगा, तभी वह नीतियों को समझ पाएगा और शासन में अपनी सही भागीदारी सुनिश्चित कर सकेगा।”
2. युवाओं से आह्वान: नीति-निर्धारण में आएं आगे
सपा नेता ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षित युवाओं को राजनीति से दूर भागने के बजाय इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि:
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शिक्षित युवा ही समाज को भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन दे सकते हैं।
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नीति-निर्माण (Policy Making) में पढ़े-लिखे लोगों की उपस्थिति से आम जनता की समस्याओं का सही समाधान संभव है।
3. ‘शिक्षित बनो’ केवल डिग्री तक सीमित नहीं
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा का अर्थ केवल किताबी ज्ञान या डिग्री हासिल करना नहीं है, बल्कि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना है। उनके अनुसार, जागरूक नागरिक ही शासन की कमियों पर सवाल उठा सकता है और एक मजबूत लोकतंत्र का निर्माण कर सकता है।
4. समाजवादी विचारधारा और शिक्षा
राजेश अग्रवाल ने समाजवादी पार्टी की नीतियों का हवाला देते हुए कहा कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) और अखिलेश यादव ने हमेशा युवाओं की शिक्षा और लैपटॉप वितरण जैसी योजनाओं के जरिए उन्हें सशक्त बनाने का काम किया है। उनका मानना है कि शिक्षित समाज ही समाजवादी मूल्यों—समानता और न्याय—को धरातल पर उतार सकता है।
(ब्यूरो प्रमुख) varun agarwal
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर(Allrights Magazin)

