नेटफ्लिक्स पर नंबर 1 ट्रेंडिंग थ्रिलर

Netflix पर आते ही धांसू ब्लैक कॉमेडी थ्रिलर मूवी ने जमाया कब्जा, नंबर 1 पर कर रही है ट्रेंड

(एंटरटेनमेंट डेस्क): ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) पर हाल ही में रिलीज हुई एक ब्लैक कॉमेडी थ्रिलर फिल्म ने आते ही तहलका मचा दिया है। अपनी सॉलिड और अनोखी कहानी के दम पर इस फिल्म ने बाकी सभी वेब सीरीज और फिल्मों को पछाड़ते हुए ट्रेंडिंग लिस्ट में नंबर 1 की पोजीशन पर कब्जा कर लिया है [cite: दर्शकों को मूवी की कहानी इतनी ज्यादा पसंद आ रही है कि यह नंबर 1 बन चुकी है।, जिसने अपनी सॉलिड कहानियों से सभी सीरीज और फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। आते ही यह फिल्म OTT प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड कर रही है और नंबर 1 की पोजीशन हथिया ली है।]। दर्शकों के दिलो-दिमाग पर इस वक्त इस फिल्म का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है।

रूढ़िवादी सोच पर चोट करती है फिल्म की कहानी

फिल्म की कहानी समाज की संकीर्ण और रूढ़िवादी मानसिकता को बेहद सलीके से पर्दे पर उतारती है:

  • ‘रेखा’ की संघर्षपूर्ण जिंदगी: कहानी के केंद्र में ‘रेखा’ नाम की एक महिला है, जो विधवा है। वह अपना और अपने घर का गुजारा चलाने के लिए एक लोकल शॉप (स्थानीय दुकान) में काम करती है।

  • कॉलोनी की महिलाओं की ईर्ष्या: रेखा की आत्मनिर्भरता और उसका पहनावा उसकी कॉलोनी की दूसरी औरतों को बिल्कुल रास नहीं आता। कॉलोनी की हर औरत उससे चिढ़ती और ईर्ष्या करती है, क्योंकि उनकी नजरों में रेखा पुरुषों को अपनी तरफ रिझाती या आकर्षित करती है [cite: उसकी कॉलोनी में रहने वाली हर औरत उससे चिढ़ती है, क्योंकि उन्हें यह लगता है कि रेखा मर्दों को रिझाती है।]।

फ्लैशबैक खोलता है समाज के दोहरे मापदंडों के राज

फिल्म में दिखाए गए फ्लैशबैक के जरिए दर्शकों को उस मोड़ पर ले जाया जाता है जहां से इस रूढ़िवादी सोच की शुरुआत हुई थी:

  • शुरुआत में हुआ था स्वागत: जब रेखा शादी के बाद अपने पति के साथ पहली बार उस कॉलोनी में रहने आई थी, तब वहां के लोगों ने उसका बड़े उत्साह के साथ स्वागत किया था [cite: कहानी का फ्लैशबैक आता है और दिखाया जाता है कि रेखा जब पति संग शादी करके कॉलोनी में आती है, तो लोग उसका स्वागत करते हैं]।

  • पल्लू खिसकते ही बदली सोच: लेकिन जैसे ही कॉलोनी की महिलाओं की नजर रेखा की साड़ी के खिसके हुए पल्लू और उसके हाफ स्लीव्स (आधी आस्तीन) के ब्लाउज पर पड़ती है, उनका नज़रिया तुरंत बदल जाता है [cite: लेकिन जैसे ही उसकी साड़ी का पल्लू खिसकता है और हाफ स्लीव्स का ब्लाउज महिलाएं देखती हैं, तो वह उसके बारे में गलत सोचने लगती हैं]। महिलाएं उसके चरित्र को लेकर गलत और मनगढ़ंत बातें सोचने लगती हैं, जो समाज में महिलाओं के प्रति गहरी दबी रूढ़िवादी सोच को बखूबी उजागर करता है।

थ्रिलर, सस्पेंस और ब्लैक कॉमेडी के इसी ताने-बाने ने दर्शकों को स्क्रीन से बांध कर रख दिया है। अगर आप भी वीकेंड पर कुछ नया और दिमाग की बत्ती जलाने वाला कंटेंट देखना चाहते हैं, तो नेटफ्लिक्स पर नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही यह फिल्म आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)

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