दिल्ली के 5 बड़े बाजारों में बुलडोजर एक्शन की तैयारी

Bulldozer Action: CP, सरोजिनी नगर, लाजपत नगर में चलेगा बुलडोजर? High Court का बड़ा आदेश!

(नई दिल्ली): राजधानी दिल्ली के प्रमुख बाजारों और फुटपाथों पर बढ़ते अवैध कब्जों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। कोर्ट की सख्त नाराजगी के बाद दिल्ली के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद आज दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी (मुख्य सचिव) एक हाई-लेवल इमरजेंसी बैठक बुलाने जा रहे हैं। कोर्ट की तल्ख टिप्पणी से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि दिल्ली के वीआईपी (VIP) इलाकों से लेकर सभी बड़े ऐतिहासिक बाजारों में अवैध रेहड़ी-पटरी और अवैध दुकानों को हटाने के लिए बहुत जल्द प्रशासन का पीला पंजा यानी बुलडोजर चलने वाला है।

इन 5 सबसे बड़े बाजारों पर गिरने जा रही है गाज

दिल्ली हाई कोर्ट की सुनवाई के दौरान खासतौर पर राजधानी के 5 सबसे प्रमुख, वीआईपी और ऐतिहासिक कारोबारी इलाकों का नाम लिया गया है, जहां बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की तैयारी है:

  1. कनॉट प्लेस (CP)

  2. पालिका बाजार

  3. सरोजिनी नगर

  4. करोल बाग

  5. लाजपत नगर बाजार

हाई कोर्ट ने सरकारी एजेंसियों को लगाई कड़ी फटकार

अदालत ने फुटपाथों पर मचे इस गदर पर सरकारी एजेंसियों की सुस्ती और ढुलमुल रवैए पर गहरी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि प्रशासनिक एजेंसियां नियमों को जमीनी स्तर पर लागू करने और वेंडिंग योजनाओं (Vending Plans) को अंतिम रूप देने में पूरी तरह से नाकाम रही हैं। अदालती फटकार के बाद ही आनंद-फानन में मुख्य सचिव स्तर की इस आपातकालीन बैठक का फैसला लिया गया है।

आर-पार की रणनीति के लिए आज महा-बैठक

मुख्य सचिव द्वारा बुलाई गई इस हाई-लेवल इमरजेंसी बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। इस बैठक में न सिर्फ आला अधिकारी शामिल होंगे, बल्कि:

  • स्थापित दुकानदार संगठनों के प्रतिनिधि,

  • फेरीवाले (हॉकर्स) और,

  • वेंडर संगठनों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे।

इस महा-बैठक का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी आर-पार की ठोस रणनीति तैयार करना है, जिससे कोर्ट के आदेशों का पालन भी हो सके और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी न बिगड़े। इस आदेश के बाद से ही उक्त बाजारों के अवैध वेंडर्स और अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)

बरेली में अतिक्रमण कार्रवाई पर उठे सवाल!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: