नौकरी देने वाले बनो: सम्राट चौधरी

बिहार: सीएम सम्राट चौधरी बोले— “नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनो”, मेधावी छात्रों को दिए 50,001 का चेक और स्वर्ण पदक


पटना, बिहार: मुख्यमंत्री सह बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय (पटना) के कुलाधिपति श्री सम्राट चौधरी ने आज सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित ज्ञान भवन में आयोजित विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह का दीप प्रज्वलित कर औपचारिक शुभारंभ किया।

मेधावी छात्र-छात्राओं को मिला सम्मान

दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 के B.Tech एवं M.Tech के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया:

  • पुरस्कार एवं प्रोत्साहन: मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक (Gold Medal), प्रशस्ति पत्र और 50,001 रुपये का चेक प्रदान किया गया।

  • पदक वितरण: परीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को क्रमशः स्वर्ण, रजत (Silver) और कांस्य (Bronze) पदक के साथ शैक्षणिक उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

सीएम का मंत्र: “नवाचार से ही बनेगा नया बिहार”

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि/डिग्री बांटने का आयोजन नहीं है, बल्कि यह “बिहार के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव” रखने का ऐतिहासिक अवसर है।

युवा इंजीनियरों में नया जोश भरते हुए उन्होंने कहा:

“आप सिर्फ नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि ऐसे उद्यमी और नवप्रवर्तक बनें जो समाज के लिए नए रोजगार सृजित कर सकें। किसी भी इंजीनियर की असली पहचान उसकी केवल डिग्री से नहीं, बल्कि उसके नवाचार (Innovation), तकनीकी दक्षता और समाज-निर्माण में दिए गए योगदान से होती है।”

10 रुपये में इंजीनियरिंग, 5 रुपये में पॉलिटेक्निक की पढ़ाई

बिहार सरकार की शिक्षा नीति की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने एक ऐतिहासिक तथ्य रेखांकित किया:

  • राज्य के सभी 38 जिलों के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में मात्र 10 रुपये के शुल्क पर बी.टेक की शिक्षा दी जा रही है।

  • वहीं पॉलिटेक्निक संस्थानों में महज 5 रुपये शुल्क पर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

  • सीएम ने कहा कि विश्व भर में ऐसी कल्याणकारी और सुलभ तकनीकी शिक्षा व्यवस्था शायद ही कहीं देखने को मिले।

शिक्षा व तकनीकी क्षेत्र में 4 बड़ी घोषणाएं

21वीं सदी को ज्ञान, डेटा और तकनीक का युग बताते हुए मुख्यमंत्री ने बिहार के तकनीकी ढांचे को विस्तार देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

  1. विक्रमशिला विश्वविद्यालय: ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार और पुनर्स्थापन हेतु 220 एकड़ भूमि केंद्र सरकार को हस्तांतरित की जा चुकी है।

  2. एमआईटी मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर स्थित MIT में आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय का निर्माण कराया जाएगा।

  3. भागलपुर में एआई यूनिवर्सिटी: भागलपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।

  4. ‘बिहार टेक’ अभियान: राज्य के युवाओं से ‘बिहार टेक’ के विजन को बेहतर बनाने के लिए अभिनव सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।

3 जिलों में शैक्षणिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का लोकार्पण

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर कुल तीन जिलों की महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजनाओं का उद्घाटन किया:

  • जमुई: ₹3.49 करोड़ की लागत से निर्मित नवनिर्मित अतिरिक्त बालिका छात्रावास।

  • किशनगंज: ₹77.58 करोड़ की लागत वाले विभिन्न अतिरिक्त परिसर विकास कार्य।

  • सुपौल: ₹26.02 करोड़ की लागत से तैयार 300 बेड की क्षमता वाला आधुनिक बालिका छात्रावास।

समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथि

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री श्रीमती शीला कुमारी, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेश कांत वर्मा सहित राज्य के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रोफेसर्स और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


  • रिपोर्ट: पीयूष कुमार प्रियदर्शी
  • (गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

         (एडिटर (Allrights Magazine)

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