मन की बात में पीएम मोदी की सावधानी की अपील

मन की बात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भीषण गर्मी में सावधानी बरतने की अपील की, जल संरक्षण और खेल प्रतिभाओं को सराहा

(दिल्ली): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आकाशवाणी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी का जिक्र करते हुए लोगों से अत्यधिक सावधानी बरतने और सरकारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से पूरी तरह बचाव के उपाय करके ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी।

गर्मी से बचाव के देसी पेय: ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की मिसाल

प्रधानमंत्री ने देश के पारंपरिक खान-पान की तारीफ करते हुए कहा कि गर्मी से राहत पाने के लिए हमारे पास पीढ़ियों का अनुभव समाहित है। उन्होंने विभिन्न राज्यों के पारंपरिक पेय पदार्थों की चर्चा की:

  • पारंपरिक पेय पदार्थ: आम पन्ना, छाछ, लस्सी, सत्तू, शरबत, बेल पन्ना, पनाकम, नीर मोर, सांभरम, कोकम शरबत और सोल कढ़ी।

  • प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी पेय पदार्थ विविधता में एकता और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की अनूठी भावना को दर्शाते हैं।

कृषि अर्थव्यवस्था और भारतीय आम का वैश्विक बाजार

देश के विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले आमों की विविधता और उनकी महक का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हर क्षेत्र के आम का स्वाद अनूठा होता है।

  • उन्होंने काशी के लंगड़ा, महाराष्ट्र के अल्फांज़ो, गुजरात के केसर और पश्चिम बंगाल के हिमसागर आम का विशेष उल्लेख किया।

  • उन्होंने रेखांकित किया कि भारतीय आमों ने वैश्विक बाजार तक अपनी मजबूत पहुंच बनाई है, जो हमारी कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी है।

अमूल्य ऐतिहासिक धरोहरों की वापसी और संरक्षण

प्रधानमंत्री ने देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संपदा के संरक्षण पर सरकार के प्रयासों को साझा किया:

  • चोलकालीन ताम्र-पट्टिकाएं: पीएम मोदी ने अपनी हालिया नीदरलैंड्स यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि वहां की सरकार ने चोल साम्राज्य की समुद्री ताकत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ संबंधों को दर्शाने वाली चोलकालीन ताम्र-पट्टिकाएं भारत को लौटाई हैं, जिससे तमिल समुदाय में विशेष उत्साह है।

  • ज्ञान भारतम अभियान: छत्तीसगढ़ के मल्हार में छठी-सातवीं शताब्दी के पांडु वंश के महर्षि बलार्जुन से जुड़ी दुर्लभ तांबे की तीन प्लेटें भी बरामद हुई हैं।

खेल और विज्ञान: राष्ट्रीय रिकॉर्ड और खगोल विज्ञान के प्रति आकर्षण

  • एथलेटिक्स में नया कीर्तिमान: झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित ‘राष्ट्रीय वरिष्ठ एथलेटिक्स महासंघ प्रतियोगिता’ (जिसमें लगभग 800 एथलीटों ने भाग लिया) की सराहना करते हुए पीएम ने चार राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने वाले एथलीटों—गुरिंदर वीर सिंह, विशाल टी.के., तेजस्विन शंकर, देव मीना और कुलदीप कुमार को बधाई दी। उन्होंने 100 मीटर दौड़ में रिकॉर्ड बनाने वाले गुरिंदर वीर सिंह और अनिमेष कुजूर से बातचीत भी की।

  • खगोल विज्ञान (Astronomy): पीएम ने युवाओं से अपील की कि वे छुट्टियों के दौरान तारामंडल (Planetarium) देखने जाएं और एस्ट्रोनॉमी क्लब्स में शामिल हों, क्योंकि खगोल विज्ञान देश की युवा पीढ़ी में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

पर्यावरण, नदी स्वच्छता और समाज के ‘रियल हीरोज’ की कहानियां

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश के अलग-अलग कोनों से सामने आए उन प्रेरणादायी किरदारों और प्रयासों की कहानियां साझा कीं, जो समाज सुधार में जुटे हैं:

  • गंगा डॉल्फिन रेस्क्यू एम्बुलेंस: उत्तर प्रदेश में एक नहर में फंसी गंगा डॉल्फिन को सुरक्षित बचाने का जिक्र करते हुए पीएम ने बताया कि ‘नमामि गंगे अभियान’ के तहत बनाई गई देश की पहली गंगा डॉल्फिन बचाव एम्बुलेंस ने इसमें अहम भूमिका निभाई।

  • साजी वलाशेरिल (केरल): अलुवा के रहने वाले साजी एक निःशुल्क स्विमिंग क्लब चलाते हैं और अब तक 15 हजार से अधिक लोगों को तैरना सिखा चुके हैं।

  • आकाश गुप्ता (उत्तर प्रदेश): बस्ती जिले के आकाश गुप्ता ने अपने दोस्तों की टोली के साथ मिलकर अपने गाँव की ‘मनोरमा नदी’ को साफ करने का अनुकरणीय कार्य किया है।

  • बालकृष्ण अय्या (गोवा): मद्दी-टोलाप क्षेत्र के एक सेवानिवृत्त शिक्षक, जो अपने इलाके में जल-संकट के स्थायी समाधान के लिए काम कर रहे हैं।

  • गिरिजा अम्मा (तमिलनाडु): नागरकोइल में 15 स्कूल चलाने वाली इस शिक्षिका ने बच्चों से देश के सैनिकों के लिए रोज 1 रुपया दान करने की अपील की और इससे एकत्रित हुए लगभग 40 लाख रुपये प्रधानमंत्री को सौंपे।

  • चेन्नई का पहला हिंदू विद्यालय: पीएम ने चेन्नई के पहले हिंदू विद्यालय का उल्लेख किया, जिसने पिछले वर्ष अपने गौरवमयी 50 वर्ष पूरे किए और शिक्षा व सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने में सराहनीय भूमिका निभाई।

निष्कर्ष: प्रधानमंत्री ने अंत में सभी देशवासियों से अपील की कि वे अपने आसपास समाज की बेहतरी के लिए निस्वार्थ भाव से लगातार काम कर रहे लोगों को पहचानें, उनकी सराहना करें और स्वयं भी ऐसे ही अच्छे सामाजिक कार्यों से जुड़ें।


रिपोर्ट: सोनू कुमार (पत्रकार)

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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