देहरादून में राहुल गांधी की रैली
कुरुक्षेत्र बना उत्तराखंड का परेड ग्राउंड, कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने
राजनीतिक एवं विशेष ब्यूरो: देहरादून/मुंबई
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को देहरादून से पेपर लीक और युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर एक बड़ा राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित इस ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर अनुमति निरस्त होने और आधी रात को हुए भारी हंगामे के बाद देहरादून का परेड ग्राउंड राजनीतिक कुरुक्षेत्र में तब्दील हो गया है।
राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला: “देवभूमि को बनाया पेपर लीक का एपिसेंटर”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर अपने इस दौरे और अभियान की आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए राज्य की भाजपा सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा:
“17 जुलाई को देहरादून आ रहा हूं। देवभूमि को पेपर लीक का एपिसेंटर बना दिया गया है। UKSSSC (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) परीक्षा में यहां एक ऐसा भ्रष्ट सिस्टम बैठ गया है, जहां पटवारी, लेखपाल या कोई और सरकारी पद युवाओं को उनकी क़ाबिलियत से नहीं, बल्कि अपराधियों द्वारा तय किए गए रेट (रिश्वत) से मिलता है। सरकार ने दिखावे के लिए सख़्त नकल-विरोधी कानून तो बनाया, लेकिन इसके बावजूद लगातार पेपर लीक होते रहे।”
राहुल गांधी ने उत्तराखंड के सभी अभ्यर्थियों, पीड़ित छात्रों और युवाओं से अपने सुनहरे भविष्य की रक्षा के लिए इस ‘छात्रों की गूंज’ मुहिम का हिस्सा बनने की पुरजोर अपील की है।
परेड ग्राउंड में आधी रात का हाई-वोल्टेज ड्रामा और प्रशासनिक रार
इस महारैली के आयोजन स्थल को लेकर प्रशासन और कांग्रेस के बीच भारी गतिरोध देखने को मिला, जिसने आधी रात को एक बड़े हंगामे का रूप ले लिया:
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अनुमति हुई निरस्त: उत्तराखंड कांग्रेस ने 17 जुलाई के इस केंद्रीय कार्यक्रम के लिए देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड को विधिवत बुक किया था और इसके लिए ₹1.77 लाख का सरकारी शुल्क भी जमा कर दिया था। लेकिन, ऐन वक्त पर प्रशासन ने अनुमति रद्द कर दी।
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आधी रात को धरना: अनुमति निरस्त होने और परेड ग्राउंड में भारी पुलिस बल की तैनाती के खिलाफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गणेश गोदियाल और यशपाल आर्य सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ आधी रात को ही ग्राउंड के बाहर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहां लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़कर ग्राउंड के भीतर प्रवेश किया और सरकार पर युवाओं तथा विपक्ष की आवाज को तानाशाही से दबाने का सीधा आरोप लगाया।
कटर गिरने से कांग्रेस कार्यकर्ता की दुखद मौत
इस बड़े राजनीतिक घमासान और कार्यक्रम की तैयारियों के बीच गुरुवार को देहरादून में एक बेहद दुखद हादसा हो गया। रैली स्थल पर मंच और अन्य तैयारियों में जुटे कांग्रेस के एक 65 वर्षीय वयोवृद्ध कार्यकर्ता अमर मेहता के सिर पर अचानक लोहे का कटर गिर गया। गंभीर रूप से घायल मेहता को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से कांग्रेस खेमे में शोक की लहर है।
बीजेपी का राजनीतिक पलटवार और प्रशासनिक तर्क
कांग्रेस के आरोपों और हंगामे पर देहरादून के जिला अधिकारी (DM) और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए पलटवार किया है:
प्रशासनिक तर्क:
देहरादून के डीएम के अनुसार, परेड ग्राउंड में पहले से ही केंद्र सरकार का ‘लोक संवर्धन पर्व’ आयोजित हो रहा था, जिसकी अवधि को आगे बढ़ा दिया गया था। इसी कारण सुरक्षा व्यवस्था और शहर के यातायात (ट्रैफिक) प्रबंधन को देखते हुए कांग्रेस को परेड ग्राउंड की जगह दूसरा विकल्प यानी रेस कोर्स रोड स्थित बन्नू स्कूल ग्राउंड ऑफर किया गया था। अब यह कार्यक्रम शुक्रवार शाम 7:30 बजे इसी बन्नू स्कूल ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा।
भाजपा की प्रतिक्रिया:
सत्तारूढ़ बीजेपी ने कांग्रेस के इन तमाम प्रदर्शनों को राजनीतिक नौटंकी करार दिया है। बीजेपी प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल जनता को गुमराह कर रही है और वे राहुल गांधी के इस कथित फ्लॉप दौरे को रद्द करने या उसकी नाकामी को छुपाने के लिए बेबुनियाद बहाने ढूंढ रहे हैं।
- (गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
- (एडिटर (Allrights Magazine)

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