पटना: बापू टावर का सीएम ने किया निरीक्षण
बापू टावर महात्मा गांधी की स्थायी विरासत का प्रमाण’ – मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज गर्दनीबाग स्थित नवनिर्मित ‘बापू टावर’ का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने इस परिसर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों और उनकी विरासत को सहेजने वाला एक उत्कृष्ट केंद्र बताया। मुख्यमंत्री ने बापू टावर की विभिन्न दीर्घाओं का अवलोकन किया और वहां स्थापित गांधी जी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
आधुनिक तकनीक से गांधी जी के जीवन का दर्शन
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने भवन के भूतल से लेकर पांचवें तल तक का भ्रमण किया।
-
डिजिटल प्रदर्शनी: मुख्यमंत्री ने ओरिएंटेशन हॉल में टर्न टेबल थियेटर शो देखा। शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण कृतियों—’बापू की पाती’ और ‘मोहन से महात्मा’ को यहां डिजिटल माध्यम से जीवंत किया गया है।
-
ऐतिहासिक सफर: भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने मुख्यमंत्री को म्यूरल, कटआउट और स्क्रीन प्रोजेक्टर के माध्यम से गांधी जी के स्वतंत्रता संग्राम, उनके बिहार से लगाव और उनके जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री के महत्वपूर्ण निर्देश
बापू टावर को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तीन प्रमुख निर्देश दिए:
-
शैक्षणिक भ्रमण का रूट: स्कूलों के लिए एक विशेष रूट (बापू टावर, बिहार संग्रहालय, पटना म्यूजियम और साइंस सिटी) तैयार किया जाए, ताकि बच्चे महापुरुषों और विज्ञान को करीब से समझ सकें।
-
परिसर की हरियाली: टावर परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण कर हरियाली बढ़ाने पर जोर दिया।
-
समन्वय और सुविधा: भवन निर्माण विभाग, पर्यटन और कला-संस्कृति विभाग के साथ मिलकर अधिक से अधिक पर्यटकों और स्थानीय लोगों के भ्रमण की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
पत्रिका का विमोचन और डिजिटल पहुंच
मुख्यमंत्री ने ‘सत्याग्रह-बापू टावर का प्रकाशन’ पत्रिका का विमोचन किया। उन्होंने इसे पूरी तरह डिजिटलाइज करने का निर्देश दिया ताकि दुनिया के किसी भी कोने से लोग गांधी जी के विचारों और इस टावर की विशेषताओं के बारे में जान सकें।

बापू टावर की भव्य संरचना
बापू टावर (जी प्लस सिक्स) अपनी वास्तुकला के लिए आकर्षण का केंद्र है:
-
शंकुकार और आयताकार भवन: इसमें 102 फीट ऊंचा शंकुकार भवन और एक आयताकार भवन है।
-
प्रदर्श गैलरी: आयताकार भवन की तीन गैलरी गांधी जी के प्रारंभिक जीवन से लेकर चंपारण शताब्दी समारोह तक की जानकारी देती हैं।
-
रैम्प प्रदर्श: शंकुकार भवन के 5 रैम्प पर चंपारण सत्याग्रह, भारत छोड़ो आंदोलन और नोआखली यात्रा के दृश्यों को दर्शाया गया है।
नोट: स्कूली बच्चों और समूह (ग्रुप) में आने वाले लोगों के लिए बापू टावर में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा और भवन निर्माण विभाग के कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

(रिपोर्ट: विवेक पांडे, पटना)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazin)

