पेपर लीक: लोकसभा में गरजे अभिषेक
“सैटेलाइट पर नजर, फिर भी लीक हो जाते हैं पेपर”: लोकसभा में केंद्र सरकार पर गरजे TMC सांसद अभिषेक बनर्जी; बांसुरी स्वराज ने दिया करारा जवाब
विशेष राष्ट्रीय एवं संसदीय ब्यूरो: नई दिल्ली
लोकसभा में मंगलवार को ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर जमकर तीखा हमला बोला। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी पेपर लीक विरोधी कानून में संशोधन का समर्थन करती है, लेकिन सरकार का कामकाज केवल हेडलाइंस से नहीं, बल्कि ज़मीनी नतीजों से आंका जाता है।
“अपराध और सरकार कभी नहीं बदलती” — अभिषेक बनर्जी
लोकसभा में केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा:
“हर साल सरकार एक नए सिस्टम का वादा करती है और हर साल छात्रों को वही पुराना घोटाला देखना पड़ता है। परीक्षाओं के नाम बदलते हैं, पीड़ितों और आरोपियों के नाम बदलते हैं, लेकिन अफसोस कि अपराध और सरकार कभी नहीं बदलती।”
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सैटेलाइट और साइबर तकनीक पर तंज: TMC सांसद ने कहा कि सरकार दावा करती है कि वह सैटेलाइट से नजर रख सकती है, मिसाइलों को ट्रैक कर सकती है और साइबरस्पेस की सुरक्षा कर सकती है। फिर भी गोपनीय परीक्षा पत्र सरकार की पकड़ से बाहर होकर इतनी तेजी से कैसे लीक हो जाते हैं?
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छात्रों पर पैलेट गन का आरोप: बनर्जी ने आरोप लगाया कि नीट (NEET) के खिलाफ आवाज उठाने वाले और विरोध कर रहे छात्रों की बात सुनने के बजाय सरकार ने उन्हें बैरिकेड्स, लाठियां और पैलेट गन दीं। छात्रों को प्रतिस्पर्धा या परीक्षा से डर नहीं लगता, बल्कि उन्हें सिस्टम के भ्रष्टाचार और हेर-फेर से डर लगता है।
“यह मोदी सरकार का जिम्मेदार रवैया है” — बांसुरी स्वराज
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद बांसुरी स्वराज ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा और विधेयक का पुरजोर समर्थन किया:
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कड़े कानून की जरूरत: बांसुरी स्वराज ने कहा कि ‘सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026’ का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक के दोषियों पर तेजी से मुकदमा चलाना और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाना है।
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विपक्ष के चुनिंदा गुस्से पर सवाल: उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि पेपर लीक सिर्फ 2014 के बाद ही शुरू हुए। यह विधेयक एक क्रांतिकारी कदम है, जो मोदी सरकार की जिम्मेदारी को दर्शाता है। सिद्धांत इस बात पर नहीं बदलने चाहिए कि सत्ता में कौन सी सरकार है।
राष्ट्रीय एवं संसदीय ब्यूरो: नई दिल्ली
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
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