दिल्ली लाठीचार्ज: प्रियंका ने घेरा

दिल्ली छात्र प्रदर्शन लाठीचार्ज पर संसद में गरमाई राजनीति: प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा, उठाए तीखे सवाल

विशेष राष्ट्रीय एवं संसदीय ब्यूरो: नई दिल्ली

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते दिनों शिक्षा सुधारों और पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद सत्र के दौरान इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाते हुए केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय पर तीखा हमला बोला है।

प्रियंका गांधी ने उग्र हुए छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की और केंद्र सरकार से कई सीधे व तीखे सवाल पूछे।

प्रियंका गांधी ने संसद में उठाए ये प्रमुख सवाल

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सदन में छात्रों के अधिकारों और पुलिस कार्रवाई की आनुपातिकता पर सवाल खड़े किए:

  • लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रहार: प्रियंका गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने भविष्य और शिक्षा सुधारों की मांग कर रहे युवाओं पर पुलिस का यह रवैया पूरी तरह से तानाशाही और असंवैधानिक है।

  • बल प्रयोग का औचित्य: उन्होंने सवाल उठाया कि निहत्थे और निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन जैसे घातक साधनों का इस्तेमाल करने का आदेश किसने और किस अधिकार से दिया?

  • घायल छात्रों के भविष्य का क्या?: उन्होंने संसद में मुद्दा उठाया कि जिन छात्रों की आंखें और शरीर इस कार्रवाई में गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, उनके इलाज और करियर की भरपाई कौन करेगा?

  • संवेदनशीलता की कमी: प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के साथ बातचीत करने और उनकी समस्याएं सुलझाने के बजाय उनकी आवाज को ताकतों के दम पर दबाने का प्रयास कर रही है।

विपक्ष ने की न्यायिक जांच की मांग

प्रियंका गांधी के साथ-साथ विपक्षी दलों के कई अन्य सांसदों ने भी संसद में इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा किया। विपक्ष ने मांग की है कि:

  1. निष्पक्ष न्यायिक जांच: लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाने का आदेश देने वाले शीर्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए।

  2. सहानुभूति व मुआवजा: पीड़ित और गंभीर रूप से घायल हुए छात्रों को सरकार की ओर से तुरंत उचित मुआवजा दिया जाए।

दूसरी ओर, सरकार और पुलिस प्रशासन ने संसद में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि प्रदर्शनकारी तय सुरक्षा घेरा तोड़कर संसद भवन की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल प्रयोग किया गया।

राष्ट्रीय एवं संसदीय ब्यूरो: नई दिल्ली

सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)

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