सेमीकॉन 2.0 वेब एप्लिकेशन पोर्टल के लॉन्च के अवसर पर, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज हम PCB के लिए कॉपर फॉयल और कॉपर-क्लैड लैमिनेट बना रहे हैं।
सेमीकॉन 2.0 वेब एप्लिकेशन पोर्टल के लॉन्च के अवसर पर, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज हम PCB के लिए कॉपर फॉयल और कॉपर-क्लैड लैमिनेट बना रहे हैं। एक तरह से, हर कार्यक्रम और हर मंजूरी के साथ हम वैल्यू चेन में और गहराई तक जा रहे हैं।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा ‘सेमीकॉन 2.0’ (Semicon 2.0) वेब एप्लिकेशन पोर्टल का शुभारंभ भारत को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- सेमीकॉन 2.0 और कॉपर फॉयल/CCL उत्पादन के प्रमुख पहलू
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वैल्यू चेन में गहराई (Deepening the Value Chain):
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इलेक्ट्रॉनिक प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) निर्माण के लिए कॉपर फॉयल (Copper Foil) और कॉपर-क्लैड लैमिनेट (Copper-Clad Laminates – CCL) बुनियादी कच्चे माल हैं।
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भारत अब केवल सेमीकंडक्टर असेंबली (ATMP/OSAT) तक सीमित न रहकर उपकरण, सामग्री और घटकों (Equipment & Materials) के स्तर पर भी आत्मनिर्भर बन रहा है।
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MSME और स्टार्टअप्स की भागीदारी:
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इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स एंड मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) और सेमीकॉन 2.0 के तहत स्वीकृत इकाइयों में से 50% से अधिक MSME / छोटे उद्योग शामिल हैं।
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यह कदम पूरे देश में एक मजबूत स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain Ecosystem) तैयार करने में मदद करेगा।
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सेमीकॉन 2.0 के 6 मुख्य स्तंभ:
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सेमीकॉन 2.0 कार्यक्रम के तहत 6 प्रमुख क्षेत्रों (Chip Design, Machines & Materials, Fabs, ATMP/OSAT, R&D, और Talent Development) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
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