सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या

सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या से बंगाल में सनसनी: मध्यमग्राम में बाइक सवारों ने बरसाईं अंधाधुंध गोलियां


पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद एक बार फिर राजनीतिक हिंसा का खौफनाक मंजर देखने को मिला है। बुधवार रात भाजपा के कद्दावर नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव (PA) चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


वारदात का घटनाक्रम: फिल्मी अंदाज में घेराबंदी

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने इस हत्याकांड को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया:

  • समय और स्थान: घटना बुधवार रात करीब 10:20 बजे की है। चंद्रनाथ रथ विधानसभा का कार्य पूरा कर अपनी SUV से माइकलनगर स्थित अपने घर लौट रहे थे।

  • रास्ता रोका गया: मध्यमग्राम के दोहारिया इलाके में एक बिरयानी शॉप के पास एक अज्ञात चारपहिया वाहन ने अचानक चंद्रनाथ की गाड़ी के सामने आकर रास्ता रोक दिया।

  • प्वाइंट ब्लैंक रेंज से फायरिंग: जैसे ही गाड़ी रुकी, दो बाइकों पर सवार चार नकाबपोश हमलावर वहां पहुंचे। उन्होंने गाड़ी के पास जाकर चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाया और बेहद करीब (Point Blank Range) से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

  • मौके पर मौत: गोलीबारी इतनी सटीक और भीषण थी कि चंद्रनाथ रथ को संभलने का मौका भी नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

जांच में अब तक क्या पता चला?

  • सुनियोजित साजिश: पुलिस का मानना है कि हमलावर चंद्रनाथ के रूट और समय की रेकी कर रहे थे। जिस तरह से गाड़ी को बीच रास्ते में ब्लॉक किया गया, वह एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करता है।

  • सीसीटीवी फुटेज: मध्यमग्राम पुलिस आसपास के इलाकों और बिरयानी शॉप के पास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।

  • राजनीतिक तनाव: सुवेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या के बाद जिले में तनाव व्याप्त है। भाजपा ने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार देते हुए सत्ताधारी दल पर निशाना साधा है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक के अनुसार, कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, हालांकि अभी तक मुख्य हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

 (Allrights Magazine)


नोरा फतेही ने मांगी लिखित माफी!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: