शेखपुरा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम
बिहार: ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026’ के तहत शेखपुरा में स्वच्छता अभियान तेज
डीएम शेखर आनंद ने की समीक्षा: हर प्रखंड में बनेगा एक आदर्श पंचायत, 30 जून तक ऑनलाइन पोर्टल पर जुड़ना अनिवार्य
(शेखपुरा, बिहार): जिला पदाधिकारी (DM) शेखर आनंद की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में ‘लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान’ और ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026’ के क्रियान्वयन को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई [cite: जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में ‘लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान’ और ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026’ के तहत स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को लेकर समीक्षा बैठक हुई।]। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना और नए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना था [cite: जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में ‘लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान’ और ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026’ के तहत स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को लेकर समीक्षा बैठक हुई।]।
डीएम शेखर आनंद के मुख्य निर्देश
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने जिले की स्वच्छता रैंकिंग को सुधारने और कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए:
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आदर्श पंचायत और वार्ड का निर्माण: जिले के सभी प्रखंडों (ब्लॉक) और नगर निकायों में कम से कम एक-एक आदर्श पंचायत और आदर्श वार्ड विकसित किया जाएगा [cite: जिला पदाधिकारी ने कहा कि सभी प्रखंडों और नगर निकायों में एक-एक आदर्श पंचायत/वार्ड बनाया जाए।]।
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समय पर मानदेय भुगतान: स्वच्छता व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने वाले स्वच्छता कर्मियों के मानदेय का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और कचरा प्रबंधन की परिसंपत्तियों के उचित रखरखाव के निर्देश दिए गए हैं [cite: कचरा प्रबंधन, परिसंपत्तियों के रखरखाव और स्वच्छता कर्मियों के मानदेय भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।]।
1 अप्रैल 2026 से नए नियम प्रभावी: कचरे का वर्गीकरण अनिवार्य
बिहार में 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए नियमों के तहत अब कचरा फैलाना या उसे बिना अलग किए देना दंडनीय होगा [cite: नए नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी: 1 अप्रैल 2026 से लागू नए नियमों के तहत घरों और संस्थानों जैसे होटल, स्कूल, दुकान, अस्पताल, सभी नगर निकायों में कचरे को स्रोत पर ही चार श्रेणियों- गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल अपशिष्ट में अलग करना अनिवार्य है।]।
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चार श्रेणियों में बंटेगा कचरा: सभी घरों, होटलों, स्कूलों, दुकानों, अस्पतालों और नगर निकायों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे कचरे को उसके उत्पत्ति स्थल (सोर्स) पर ही चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर दें [cite: 1 अप्रैल 2026 से लागू नए नियमों के तहत घरों और संस्थानों जैसे होटल, स्कूल, दुकान, अस्पताल, सभी नगर निकायों में कचरे को स्रोत पर ही चार श्रेणियों- गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल अपशिष्ट में अलग करना अनिवार्य है।]:
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गीला कचरा (Wet Waste) [cite: 1 अप्रैल 2026 से लागू नए नियमों के तहत घरों और संस्थानों जैसे होटल, स्कूल, दुकान, अस्पताल, सभी नगर निकायों में कचरे को स्रोत पर ही चार श्रेणियों- गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल अपशिष्ट में अलग करना अनिवार्य है।]
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सूखा कचरा (Dry Waste) [cite: 1 अप्रैल 2026 से लागू नए नियमों के तहत घरों और संस्थानों जैसे होटल, स्कूल, दुकान, अस्पताल, सभी नगर निकायों में कचरे को स्रोत पर ही चार श्रेणियों- गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल अपशिष्ट में अलग करना अनिवार्य है।]
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सैनिटरी अपशिष्ट (Sanitary Waste) [cite: 1 अप्रैल 2026 से लागू नए नियमों के तहत घरों और संस्थानों जैसे होटल, स्कूल, दुकान, अस्पताल, सभी नगर निकायों में कचरे को स्रोत पर ही चार श्रेणियों- गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल अपशिष्ट में अलग करना अनिवार्य है।]
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विशेष देखभाल अपशिष्ट (Special Care Waste) [cite: 1 अप्रैल 2026 से लागू नए नियमों के तहत घरों और संस्थानों जैसे होटल, स्कूल, दुकान, अस्पताल, सभी नगर निकायों में कचरे को स्रोत पर ही चार श्रेणियों- गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल अपशिष्ट में अलग करना अनिवार्य है।]
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30 जून 2026 तक ऑनलाइन ऑनबोर्डिंग और लापरवाही पर जुर्माना
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डेटा मैपिंग अनिवार्य: सभी ग्रामीण स्थानीय निकायों को 30 जून 2026 तक अपनी सभी स्वच्छता सुविधाओं के संपूर्ण डेटा के साथ केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल पर ऑनबोर्ड होना अनिवार्य है [cite: 30 जून तक ऑनलाइन पोर्टल पर जुड़ना जरूरी: सभी ग्रामीण स्थानीय निकायों को 30 जून 2026 तक अपनी सुविधाओं के डेटा के साथ केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल पर ऑनबोर्ड होना अनिवार्य है।]।
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जवाबदेही तय: निर्धारित समय सीमा के भीतर नियमों का पालन न करने वाले निकायों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
तकनीकी निगरानी और बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
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जीपीएस ट्रैकिंग और मानचित्रण: जिले में कचरा उठाने वाले वाहनों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए उनकी जीपीएस ट्रैकिंग की जाएगी। अगले 12 महीनों के भीतर जिले की सभी स्वच्छता सुविधाओं की डिजिटल मैपिंग (मानचित्रण) पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
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ई-वाहनों का रखरखाव: ई-रिक्शा और पी-रिक्शा जैसी सरकारी परिसंपत्तियों के संचालन और रखरखाव पर विशेष जोर रहेगा। डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जिले में जितने भी ई-वाहन खराब पड़े हैं, उन्हें तुरंत ठीक कराकर काम पर लगाया जाए।
जल-नल योजना, जीविका ऋण और जनभागीदारी
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ब्याज मुक्त ऋण का प्रावधान: सुजलाम भारत योजना के तहत लंबित पड़े 60 आवेदनों को जल्द से जल्द निष्पादित करने के लिए पीएचईडी (PHED) के कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया गया है [cite: कार्यपालक अभियंता, PHED को सुजलाम भारत के तहत लंबित 60 आवेदनों को जल्द निष्पादित करने को कहा गया।]। इसके साथ ही पात्र लाभार्थियों को स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए जीविका के माध्यम से प्रति परिवार ₹10,000 का ब्याज मुक्त ऋण देने का प्रावधान किया गया है।
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सामुदायिक भागीदारी और पुरस्कार: डीएम शेखर आनंद ने स्पष्ट किया कि कचरा प्रबंधन और स्वच्छता अभियान तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक इसमें जनता की भागीदारी (सामुदायिक भागीदारी) न हो। इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी और हर साल जिले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले स्थानीय निकाय को प्रशासन की तरफ से पुरस्कृत किया जाएगा [cite: नियमित समीक्षा बैठकें होंगी और हर साल सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले स्थानीय निकाय को पुरस्कृत किया जाएगा।]।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC), सिविल सर्जन, डीआरडीए (DRDA) निदेशक, जिला पंचायती राज प्रभारी पदाधिकारी, सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी, बीडीओ (BDO) समेत जिला एवं प्रखंड स्तर के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे [cite: बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, डीआरडीए निदेशक, जिला पंचायती राज प्रभारी पदाधिकारी, सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी, BDO और अन्य जिला-प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट: उमेश कुमार
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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