नई दिल्ली लक्ष्मी नगर में नई नालियां फिर जाम

नई दिल्ली :लक्ष्मी नगर: नई नालियां फिर हुईं जाम; बारिश के मौसम ने बढ़ाई चिंता, अतिक्रमण पर अब तक नहीं हुई कोई कार्रवाई

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर (Laxmi Nagar) इलाके में सिविक एजेंसियों और प्रशासन की सुस्ती का एक और हैरान करने वाला उदाहरण सामने आया है। स्थानीय जनता को जलभराव और गंदगी से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने अभी हाल ही में लाखों रुपये खर्च करके नई नालियों का निर्माण कराया था। लेकिन, स्थानीय दुकानदारों और मुख्य रूप से छोले-कुलचे व चाट के ठेले वालों ने अपनी मनमानी के चलते इन नालियों को फिर से बंद और जाम करना शुरू कर दिया है।

लाखों रुपये की सरकारी लागत और जनता के टैक्स के पैसे से बनी इन नालियों पर कुछ ही दिनों में अतिक्रमण और गंदगी का जाल बिछ गया है, जिससे आने वाले मानसून में स्थिति और भयावह होने की आशंका है।

छोले-कुलचे के ठेले और कचरा: नालियां बनीं डस्टबिन

लक्ष्मी नगर के मुख्य मार्गों और अंदरूनी गलियों में बनी इन नई नालियों के ऊपर कई दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों ने अपना कब्जा जमा लिया है:

  • कचरा सीधे नाली में: दोपहर होते ही छोले-कुलचे, चाट और अन्य खाने-पीने के ठेले वाले बची हुई सामग्री, दोने-पत्तल और प्लास्टिक की थैलियां सीधे इन नई नालियों में डाल रहे हैं।

  • अतिक्रमण से रास्ता बंद: कई दुकानदारों ने नाली के ऊपर पक्के तख्ते या रैंप डाल दिए हैं, जिससे नाली पूरी तरह ब्लॉक हो चुकी है। इसके कारण पानी की निकासी अभी से रुक गई है।

B-13 प्रकाश टावर के पास गंभीर संकट: नालियों के ऊपर खड़ी है बिल्डिंग

स्थानीय निवासियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इलाके के B-3, प्रकाश टावर (Prakash Tower) के पास स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। यहां नियमों को ताक पर रखकर नालियों के ठीक ऊपर ही बिल्डिंग का निर्माण कर दिया गया है। इस अवैध निर्माण और अतिक्रमण की वजह से वहां की नालियां पूरी तरह से ब्लॉक और जाम हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी इस गंभीर अतिक्रमण और बंद नालियों पर प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।

बारिश का मौसम शुरू, अब कैसे होगी पानी की निकासी?

दिल्ली-एनसीआर में अब बारिश का मौसम भी दस्तक दे चुका है। ऐसे में स्थानीय निवासियों का डर और आक्रोश चरम पर है। लोगों का साफ कहना है कि जब सामान्य दिनों में ही ये नई नालियां अतिक्रमण और कचरे की वजह से चोक पड़ी हैं, तो बरसात के दिनों में जब भारी पानी बरसेगा, तब जलनिकासी कैसे संभव हो पाएगी? अगर समय रहते इन नालियों को अतिक्रमण मुक्त कराकर साफ नहीं किया गया, तो पूरे लक्ष्मी नगर और प्रकाश टावर के आसपास के रिहायशी इलाकों में भीषण जलभराव और संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा होना तय है।

लक्ष्मी नगर: नई नालियां फिर हुईं जाम

अभी बनीं नालियां, फिर भी बंद! लक्ष्मी नगर में चाट-छोले कुलचे वालों ने खड़ी की नई आफत, प्रशासन बेअसर

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में सिविक एजेंसियों और प्रशासन की सुस्ती का एक और हैरान करने वाला उदाहरण सामने आया है। स्थानीय जनता को जलभराव और गंदगी से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने अभी हाल ही में लाखों रुपये खर्च करके नई नालियों का निर्माण कराया था। लेकिन, स्थानीय दुकानदारों और मुख्य रूप से छोले-कुलचे व चाट के ठेले वालों ने अपनी मनमानी के चलते इन नालियों को फिर से बंद और जाम करना शुरू कर दिया है।

लाखों रुपये की सरकारी लागत और जनता के टैक्स के पैसे से बनी इन नालियों पर कुछ ही दिनों में अतिक्रमण और गंदगी का जाल बिछ गया है।

छोले-कुलचे के ठेले और कचरा: नालियां बनीं डस्टबिन

लक्ष्मी नगर के मुख्य मार्गों और अंदरूनी गलियों में बनी इन नई नालियों के ऊपर कई दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों ने अपना कब्जा जमा लिया है।

  • कचरा सीधे नाली में: दोपहर होते ही छोले-कुलचे, चाट और अन्य खाने-पीने के ठेले वाले बची हुई सामग्री, दोने-पत्तल और प्लास्टिक की थैलियां सीधे इन नई नालियों में डाल रहे हैं।

  • अतिक्रमण से रास्ता बंद: कई दुकानदारों ने नाली के ऊपर पक्के तख्ते या रैंप डाल दिए हैं, जिससे नाली पूरी तरह ब्लॉक हो चुकी है। इसके कारण पानी की निकासी अभी से रुक गई है।

स्थानीय निवासियों का दर्द: “प्रशासन ने महीनों की मशक्कत के बाद नालियां बनाईं ताकि बारिश में सड़क पर पानी न भरे। लेकिन इन ठेले वालों ने चंद दिनों में ही नालियों को कचरे से पाट दिया है। हल्की सी बारिश होते ही फिर से पूरा इलाका तालाब बन जाएगा।”

 

MCD और स्थानीय प्रशासन क्यों है मौन?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल दिल्ली नगर निगम (MCD) के प्रवर्तन दस्ते (Enforcement Wing) और स्थानीय सैनिटरी इंस्पेक्टर्स पर उठता है:

  1. लाखों की बर्बादी पर चुप्पी क्यों?: जब नालियों के निर्माण पर सरकारी पैसा खर्च हुआ है, तो इसकी सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है?

  2. चालान और कार्रवाई से परहेज क्यों?: सड़कों और नालियों पर खुलेआम अतिक्रमण करने वाले इन दुकानदारों और ठेले वालों के खिलाफ सख्त चालान की कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?

सख्त एक्शन की जरूरत: जनता की मांग

सड़क पर बहते गंदे पानी और बदबू से परेशान लक्ष्मी नगर के निवासियों ने अब प्रशासन से सीधी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि:

  • नालियों के ऊपर से तुरंत अवैध ठेले और अतिक्रमण हटाए जाएं।

  • जो दुकानदार या ठेले वाला नाली में गंदगी फेंकता पाया जाए, उस पर भारी जुर्माना लगाया जाए।

  • एमसीडी की टीम इलाके का नियमित दौरा करे ताकि दोबारा नालियां ब्लॉक न हों।

अगर अभी इन ठेले वालों और दुकानदारों पर लगाम नहीं कसी गई, तो आने वाले मॉनसून में लक्ष्मी नगर की जनता को एक बार फिर नरकीय स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 (एडिटर (Allrights Magazine)

अररिया में मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट!

https://wp.me/p9lpiM-OB1मजदूरों के लिए नई मुआवज़ा नीति

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