शेखपुरा: सावन मेले पर प्रशासन अलर्ट
शेखपुरा प्रशासन सावन मेले पर अलर्ट
शेखपुरा (बिहार): पवित्र सावन महीने में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इसी क्रम में मंगलवार को जिला पदाधिकारी (डीएम) शेखर आनंद एवं पुलिस अधीक्षक (एसपी) हिमांशु ने संयुक्त रूप से नगर परिषद क्षेत्र के गिरिहिन्डा पहाड़ पर स्थित महाभारत कालीन बाबा कामेश्वर नाथ मंदिर का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर पहुंचकर पवित्र शिवलिंग के दर्शन और पूजा-अर्चना भी की।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल, कैमरे और दंडाधिकारी होंगे तैनात
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए एसपी हिमांशु ने मौके पर उपस्थित पुलिस अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए:
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सुरक्षा घेरा: मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए चप्पे-चप्पे पर पर्याप्त पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे और दंडाधिकारियों (Magistrates) की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
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भीड़ नियंत्रण (Crowd Management): महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सभी को सुलभ और सुरक्षित दर्शन मिल सकें।
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24 घंटे मुस्तैदी: एसपी ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी आपात स्थिति या अप्रिय घटना से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम और पुलिस बल चौबीसों घंटे पूरी सतर्कता के साथ मुस्तैद रहेंगे।
पेयजल, लाइटिंग और सफाई का काम तुरंत पूरा करें: डीएम
श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए डीएम शेखर आनंद ने नगर परिषद के अधिकारियों को समयसीमा के भीतर बुनियादी काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है:
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नागरिक सुविधाएं: मंदिर मार्ग और मेला परिसर में शुद्ध पेयजल, सुचारू लाइटिंग और युद्ध स्तर पर साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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रास्तों की मरम्मत: पहाड़ पर जाने वाले पहुंच मार्गों और सीढ़ियों की आवश्यक मरम्मत का काम अविलंब पूरा करने की हिदायत दी गई है।
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प्रशासनिक चेतावनी: डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की आस्था, सुरक्षा और सुविधा को लेकर अत्यंत गंभीर है, इसलिए इस कार्य में किसी भी स्तर पर कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महाभारत काल से जुड़ा है मंदिर का गौरवशाली इतिहास
गिरिहिन्डा पहाड़ की चोटी पर स्थित बाबा कामेश्वर नाथ मंदिर का इतिहास महाभारत काल से संबद्ध माना जाता है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां स्थापित पवित्र शिवलिंग अत्यंत प्राचीन, ऐतिहासिक और चमत्कारी है। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष सावन के पावन महीने में बिहार के विभिन्न कोनों और पड़ोसी राज्यों से हजारों की संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु यहां जलाभिषेक एवं विशेष दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
इस महत्वपूर्ण संयुक्त निरीक्षण के दौरान जिला एवं पुलिस प्रशासन के कई वरीय अधिकारी, सुरक्षा बल तथा स्थानीय मंदिर प्रबंधन के कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: उमेश कुमार, शेखपुरा (बिहार)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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