NEET विवाद: पीएम बोले— paper leak घोर पाप
NEET पेपर लीक पर संसद में लगातार दूसरे दिन हंगामा, सरकार चर्चा को तैयार, पीएम मोदी बोले— “यह घोर पाप है”
विशेष रिपोर्ट: नई दिल्ली
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में कथित धांधली, पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद के मानसून सत्र के लगातार दूसरे दिन भी भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के तीखे हमलों के बीच सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।
पीएम मोदी का सख्त रुख: “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ घोर पाप”
नीट विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस पूरी घटना को “घोर पाप” करार दिया है:
-
कड़ी कार्रवाई का आश्वासन: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जा रही है।
-
राजनीति से ऊपर उठने की अपील: प्रधानमंत्री ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि राष्ट्रीय हित का मामला है। केंद्र और सभी राज्य सरकारों को मिलकर इसका समाधान निकालना होगा।
-
छात्रों का विश्वास जीतना जरूरी: एनडीए (NDA) सांसदों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास जीतना सबसे महत्वपूर्ण है। छात्रों को गुमराह करना आसान है, लेकिन उन्हें सही रास्ता दिखाना चुनौतीपूर्ण है।
सरकार द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदम
सरकारी सूत्रों ने विपक्ष द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को राजनीति से प्रेरित बताते हुए सरकार की ओर से की गई त्वरित कार्रवाइयों का ब्योरा दिया:
-
सीबीआई (CBI) जांच जारी: मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केस सीबीआई को सौंपा गया है, जिसके तहत अब तक 13 से अधिक मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
-
नैतिक जिम्मेदारी: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी के गंभीर आरोप
इससे पूर्व, मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर युवाओं और छात्रों के शोषण का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार के सामने अपनी मांगें दोहराते हुए कहा:
-
गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा।
-
छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई।
-
प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज प्राथमिकियां (FIR) वापस ली जाएं।
-
प्रधानमंत्री देश के युवाओं से सार्वजनिक माफी मांगें।
-
संसद में इस विषय पर बिना किसी देरी के सीधी चर्चा कराई जाए।
संसद की कार्यवाही के दौरान दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है, हालांकि सरकार का कहना है कि वे नियम के तहत चर्चा से पीछे नहीं हट रहे हैं।
राष्ट्रीय एवं संसदीय मामले ब्यूरो: नई दिल्ली
ऑल राइट्स मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
- (गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

अल्पसंख्यक आयोग: ग्रेवाल बने अध्यक्ष!
