लखनऊ: बाबू सिंह माफिया के गुर्गे अरेस्ट
लखनऊ: यूपी एसटीएफ ने अवैध हथियारों के बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश, 4 तस्कर गिरफ्तार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को अवैध हथियारों और कारतूसों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय रैकेट के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ की लखनऊ इकाई ने गाजीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक घेराबंदी कर इस गिरोह के 4 सक्रिय तस्करों को भारी मात्रा में सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल, मैगजीन और जिंदा कारतूसों के साथ धर दबोचा।
यह पूरा गिरोह हथियारों की खरीद-फरोख्त के अलावा रंगदारी वसूलने, ड्रग्स बेचने और माफिया के संरक्षण में जमीनों पर अवैध कब्जे करवाने जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त था।
कल्याण अपार्टमेंट तिराहे के पास से हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह कार्रवाई 1 जुलाई 2026 की देर रात करीब 11:50 बजे की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) श्री अमित कुमार नागर के पर्यवेक्षण और निरीक्षक दिलीप कुमार तिवारी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक विनोद कुमार सिंह, अशोक कुमार गुप्ता व टीम ने गाजीपुर क्षेत्र में कल्याण अपार्टमेंट तिराहा से समता मूलक चौराहा जाने वाले बंधा मार्ग (बैरल संख्या-09 के सामने) पर घेराबंदी कर एक होंडा सिटी कार को रोका और उसमें सवार चारों अभियुक्तों को दबोच लिया।
तस्करों के पास से बरामदगी का विवरण:
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के पास से मौके पर निम्नलिखित अवैध सामान और नकदी बरामद की गई है:
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अवैध हथियार: 02 अदद सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल (.32 बोर) एवं 04 अदद मैगजीन।
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कारतूस: 50 अदद जिन्दा कारतूस (.32 बोर) तथा 07 अदद खोखा कारतूस (.32 बोर)।
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अन्य सामग्री: 01 अदद होंडा सिटी कार (अपराध में प्रयुक्त), 05 अदद मोबाइल फोन और ₹2,420/- नकद।
गिरफ्तार अभियुक्तों की प्रोफाइल:
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नितिन कुण्डी: निवासी मटियारी (थाना चिनहट, लखनऊ)। इसके खिलाफ चिनहट और बीबीडी थानों में हत्या के प्रयास (307), रंगदारी और गुंडा एक्ट सहित दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं तथा इसे जिला बदर भी किया जा चुका है।
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सन्देश प्रताप सिंह उर्फ राज: निवासी दयाराम पुरवा (थाना बीबीडी, लखनऊ)। यह ‘लॉर्ड विजन इंफ्रा डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ नामक रियल एस्टेट कंपनी में पार्टनर है। यह जमीनों पर कब्जा करने और वर्चस्व स्थापित करने के लिए हथियारों का इस्तेमाल करता था।
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विवेक प्रजापति: निवासी विपुल खंड (थाना गोमतीनगर, लखनऊ)। इसके खिलाफ गाजीपुर थाने में लूटपाट और हत्या के प्रयास जैसे कई गंभीर मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
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प्रिंस गुप्ता उर्फ सल्लू भाई: (उम्र 18 वर्ष), निवासी कंचनपुर मटियारी (थाना चिनहट, लखनऊ)।
बाबू सिंह माफिया का संरक्षण और गोरखपुर कनेक्शन
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:
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मुनाफे का गणित: अभियुक्तों ने बताया कि बरामद किए गए अवैध हथियार उन्हें गोरखपुर निवासी अभि उर्फ अभिषेक द्वारा सप्लाई किए जाते थे। वे गोरखपुर से लगभग ₹25,000 में एक पिस्टल खरीदकर लखनऊ व आसपास के इलाकों में ₹50,000 से ₹60,000 तक में बेचते थे। वहीं, 32 बोर का कारतूस ₹300-350 में खरीदकर ₹400 से ₹500 तक बेचा जाता था।
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माफिया का हाथ: तस्करों ने कुबूल किया कि वे रंगदारी, अवैध वसूली और जमीनों पर अवैध कब्जा करवाने का यह पूरा सिंडिकेट बाबू सिंह माफिया के संरक्षण में रहकर संचालित कर रहे थे। इसके अलावा यह गिरोह पूर्व में सिंथेटिक ड्रग्स और ऑर्गेनिक गांजा (OG) की तस्करी में भी शामिल रहा है।
एसटीएफ की मुस्तैदी के बाद स्थानीय थाना गाजीपुर (लखनऊ) में चारों अभियुक्तों के विरुद्ध मु०अ०सं०-226/2026 धारा 3/25(1-B)(A) एवं 25(8) शस्त्र अधिनियम (Arms Act) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। स्थानीय पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य खरीदारों की तलाश में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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