BJP का आदिवासी विरोधी चेहरा देखिए
महाराष्ट्र पुलिस ने कांग्रेस दफ्तर में जबरन घुसकर सैकड़ों आदिवासी छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है।
ये छात्र आदिवासी आवासीय स्कूलों की बदहाली को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, और नाशिक से प्रदर्शन करते हुए मुंबई पहुंचे हैं।
ठहरने की जगह न होने के कारण इन्हें कांग्रेस दफ्तर में रुकने की जगह दी गई थी, लेकिन BJP सरकार से ये बर्दाश्त न हुआ।
कल रात से ही मुंबई पुलिस इन छात्रों को गिरफ्तार कर रही है। पहले आजाद मैदान से गिरफ्तार किया गया और अब कांग्रेस कार्यालय से गिरफ्तारी हुई है।
BJP सरकार याद रखे – कितना भी जोर लगा लो, युवाओं की आवाज दबने वाली नहीं है। अब युवा हिसाब करेगा।
मुंबई में नासिक से आए आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन और उनकी हिरासत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
इस मामले से जुड़े मुख्य पहलू:
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छात्रों की माँगें: नासिक से मुंबई पहुँचे आदिवासी छात्र आवासीय आश्रम स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं, स्कॉलरशिप के भुगतान और अन्य शैक्षणिक मांगों को लेकर आजाद मैदान और लोक भवन मार्च की तैयारी कर रहे थे।
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कांग्रेस का पक्ष: कांग्रेस का आरोप है कि नासिक से आए प्रदर्शनकारी छात्रों को तिलक भवन (कांग्रेस कार्यालय) में ठहराया गया था, जहाँ से पुलिस ने देर रात घुसकर छात्रों और छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पार्टी ने इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन और जनविरोधी कार्रवाई करार दिया है।
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पुलिस और प्रशासन का स्पष्टीकरण: मुंबई पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय के भीतर जबरन घुसकर गिरफ्तारी करने के दावों को खारिज किया है। पुलिस के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बिना अनुमति के मार्च निकालने के प्रयास को रोकने के लिए कानून के मुताबिक विभिन्न स्थानों से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
