प्रोटेस्ट में जानलेवा हमला: विपक्ष के गंभीर आरोप
स्टूडेंट प्रोटेस्ट में जानलेवा हमला: 60 टांके लगने के बाद पिता की आपबीती, विपक्ष ने भाजपा पर लगाया आरोपी को संरक्षण देने का आरोप
नई दिल्ली: छात्र विरोध प्रदर्शन (Student Protest) के दौरान हुई एक हिंसक घटना के बाद राज्य की कानून व्यवस्था और राजनीतिक संरक्षण को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रदर्शन के दौरान हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हुए एक व्यक्ति को डॉक्टरों द्वारा 60 टांके लगाए गए, जिसके बाद वे किसी तरह मौत के मुंह से बाहर आ सके। हालांकि, इस पूरे मामले में पीड़िता और उनके परिजनों का आरोप है कि घटना की गंभीरता के बावजूद मुख्य आरोपी सत्ताधारी दल के संरक्षण में खुलेआम घूम रहा है।
‘आम आदमी के लिए कानून अलग क्यों?’: विपक्ष का तीखा प्रहार घटना के सामने आने के बाद विपक्षी दलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को आड़े हाथों लिया है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में आम जनता के लिए कानून के मानक अलग हैं और राजनीतिक रसूख रखने वाले अपराधियों के लिए अलग। विपक्षी प्रवक्ताओं ने सवाल उठाते हुए कहा, “एक पीड़ित पिता 60 टांके लगने के बाद जिंदगी की जंग लड़ रहा है, जबकि हमलावर बीजेपी के साए में बेखौफ घूम रहा है। क्या सत्ता के संरक्षण में अपराधियों को खुली छूट दे दी गई है?”
प्रशासनिक रुख और जांच का आश्वासन मामला तूल पकड़ने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दर्ज शिकायत के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं सत्तापक्ष से जुड़े नेताओं का कहना है कि सरकार कानून के राज के प्रति कटिबद्ध है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका संबंध किसी भी दल से क्यों न हो।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

