झांसी पुरातत्व इकाई 39वां स्थापना दिवस
झांसी के किलों और धरोहरों का राजस्थान की तर्ज पर होगा विकास: क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई के 39वें स्थापना दिवस पर बोले विधायक रवि शर्मा
विशेष सांस्कृतिक व ऐतिहासिक रिपोर्ट
(झांसी): बुंदेलखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में जुटी क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई, झांसी ने अपनी स्थापना के 39 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इस विशेष अवसर की पूर्व संध्या पर राजकीय संग्रहालय, झांसी के सभागार में एक भव्य और गरिमामयी स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया [cite: क्षेत्रीय पुरातत्त्व इकाई, झाँसी कार्यालय के 39 वंे स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन राजकीय संग्रहालय, झाँसी के सभागार में दीप प्रज्वलित कर किया गया।]।
समारोह के दौरान मुख्य अतिथि और झांसी सदर के विधायक पं. रवि शर्मा ने बुंदेलखंड के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड किलों की एक महान भूमि है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह विशेष विजन व प्रयास है कि यहां के ऐतिहासिक किलों और प्राचीन धरोहरों का विकास राजस्थान के किलों की तर्ज पर भव्य रूप से किया जाए [cite: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पं0 रवि शर्मा, विधायक, झाँसी सदर ने अपने उद्बोधन में बुन्देलखण्ड के विस्तार क्षेत्र एवं उनसे सम्बन्धित विशिष्ट विभूतियों को सदैव स्मरण करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड किलों की भी भूमि है। माननीय मुख्यमन्त्री जी का प्रयास है कि यहॉं के किलों एवं धरोहर का विकास राजस्थान की तर्ज पर किया जाय।], ताकि क्षेत्र में पर्यटन उद्योग को एक नई उड़ान मिल सके।
39 वर्षों की खोज और उपलब्धियों का लेखा-जोखा
समारोह की शुरुआत झांसी के प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. राजीव कुमार त्रिवेदी के संबोधन से हुई, जिन्होंने विभाग की अब तक की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया [cite: डॉ0 राजीव कुमार त्रिवेदी, प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्त्व अधिकारी, झाँसी द्वारा क्षेत्रीय पुरातत्त्व इकाई की उपलब्धियों पर संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया गया।]। वहीं, पूर्व प्रभारी अधिकारी डॉ. एस.के. दुबे ने एक विशेष पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से विगत 39 वर्षों में राज्य पुरातत्व विभाग की इस इकाई द्वारा बुंदेलखंड के बीहड़ों, गांवों और जंगलों में की गई प्राचीन मूर्तियों, शिलालेखों और ऐतिहासिक स्थलों की खोज के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की [cite: पूर्व प्रभारी अधिकारी डॉ0 एस0के0 दुबे ने पावर प्वान्ट के माध्यम से विगत 39 वर्षों के राज्य पुरातत्व विभाग की क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई, झॉंसी द्वारा की गयी खोज के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।]।
ग्रामीण क्षेत्रों की धरोहरों को बचाने का संकल्प
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करने पहुंचे झांसी के जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पवन कुमार गौतम ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि जिला पंचायत जनपद के सुदूर गांवों में बिखरी और उपेक्षित पड़ी पुरानी ऐतिहासिक धरोहरों, बावलियों और प्राचीन मंदिरों को सुरक्षित और संरक्षित करने में पुरातत्व विभाग को अपना पूरा सहयोग प्रदान करेगी [cite: विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला अंदाज अध्यक्ष, झाँसी श्री पवन कुमार गौतम ने जनपद के ग्रामों में विद्यमान पुरानी धरोहर को सुरक्षित करने में सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।]।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री सिद्धेश्वर सिद्धपीठ आश्रम के सद्गुरु आचार्य पं. हरि ओम पाठक ने पुरानी धरोहरों की सुरक्षा को लेकर अपने पुराने अनुभव साझा किए और भविष्य में इस संग्रहालय व पुरातत्व भवन के विस्तार की आवश्यकता पर विशेष बल दिया [cite: कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री सिद्धेश्वर सिद्धपीठ आश्रम, झाँसी के सदगुुरू आचार्य पं0 हरि ओम पाठक ने पुरानी धरोहर की सुरक्षा एवं संरक्षण के बारे में अपने पुराने अनुभवों को साझा किया और भविष्य में संग्रहालय एवं पुरातत्व के भवन को और भी विस्तार करने की आवश्यकता पर बल दिया।]।
जादू और बांसुरी की धुनों ने बांधा समां, सेवानिवृत्त कर्मी सम्मानित
स्थापना दिवस के इस मंच पर बुंदेलखंड की लोक कला और संगीत की भी अनूठी छटा देखने को मिली:
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सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: बुंदेलखंड के प्रतिभावान कलाकार श्री श्याम जादूगर के जादुई करतबों और बांसुरी के गुरु श्री लतीफ अहमद की सुरीली धुनों ने सभागार में मौजूद सभी दर्शकों का मनमोह लिया [cite: इस अवसर पर बुन्देलखण्ड की जादूगरी के प्रतिभावान कलाकार श्री श्याम जादूगर एवं बॉसुरी के गुरू श्री लतीफ अहमद ने अपनी प्रस्तुति देकर सभी का मनमोह लिया।]।
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सम्मान समारोह: पुरातत्व और इतिहास के क्षेत्र में अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मंच पर अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया [cite: इस अवसर पर पुरातत्व के क्षेत्र में अपने योगदान देने वाले सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।]।
चित्रकला प्रतियोगिता में 200 छात्र-छात्राओं ने दिखाया हुनर
इस अवसर पर युवा पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने के लिए एक विशाल चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न शिक्षण संस्थानों के २०० छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया [cite: इस अवसर पर चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया, जिसमें विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों के 200 छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।]। प्रतियोगिता के विजेताओं के नाम इस प्रकार रहे:
| वर्ग (Category) | प्रथम स्थान (1st) | द्वितीय स्थान (2nd) | तृतीय स्थान (3rd) |
| जूनियर वर्ग | भानू पाण्डेय | राधिका श्रीवास्तव | नीलिका श्रीवास |
| सीनियर वर्ग | सुमित सोनी | वृजेन्द्र | पलक सोनी |
यह समारोह बुंदेलखंड की प्राचीन विरासत को नए दौर में संवारने और संरक्षित करने के एक मजबूत संकल्प के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ [cite: प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग प्रथम स्थान भानू पाण्डेय, को, द्वितीय स्थान राधिका श्रीवास्तव तथा तृतीय स्थान नीलिका श्रीवास को प्राप्त हुआ। सीनियर वर्ग प्रथम स्थान सुमित सोनी, द्वितीय स्थान वृजेन्द तथा तृतीय स्थान पलक सोनी को प्राप्त हुआ।]।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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