**जौहर विश्वविद्यालय: 494 करोड़ का हिसाब नहीं दे सका प्रबंधन**
जौहर विश्वविद्यालय पर ईडी का शिकंजा, 494 करोड़ का हिसाब नहीं दे सका प्रबंधन
जागरण संवाददाता, रामपुर। सपा नेता आजम खान के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में 16 घंटे की सघन जांच-पड़ताल और छापेमारी के बाद बुधवार रात प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीमें वापस लौट गईं। ईडी की इस कार्रवाई के बाद अब जौहर विश्वविद्यालय प्रबंधन के साथ-साथ उसके बड़े दानदाताओं पर भी कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
जांच के दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन निर्माण कार्य पर हुए अनुमानित 494 करोड़ रुपये के खर्च का कोई ठोस ब्योरा और आय-व्यय का हिसाब पेश नहीं कर सका। वहीं दूसरी ओर, जौहर ट्रस्ट को बड़ी रकम दान करने वाले लोग भी अपनी आय का जायज स्रोत बताने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
दानदाताओं की बढ़ीं धड़कनें, कार्रवाई की जद में कई नाम
ईडी की इस बड़ी कार्रवाई के बाद जौहर ट्रस्ट को चंदा देने वाले लोगों और वित्तीय सहयोगियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि विश्वविद्यालय निर्माण के नाम पर बड़े पैमाने पर शेल कंपनियों और फर्जी खातों के जरिए काली कमाई को खपाया गया है।
-
हिसाब देने में नाकाम: विश्वविद्यालय प्रशासन 494 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निर्माण खर्च की लेखा-परीक्षा (ऑडिट) और पक्के दस्तावेज प्रस्तुत करने में पूरी तरह असमर्थ रहा।
-
दानदाता भी जांच के घेरे में: जौहर ट्रस्ट को भारी-भरकम राशि दान करने वाले लोग भी ईडी के सवालों का सही जवाब नहीं दे पा रहे हैं, जिससे माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उन पर भी शिकंजा कसेगा।
आगे की कार्रवाई पर टिकीं नजरें
ईडी की टीमें विश्वविद्यालय परिसर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, हार्ड डिस्क और वित्तीय रिकॉर्ड अपने साथ ले गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन दस्तावेजों की जांच के बाद ईडी जल्द ही कई बड़े दानदाताओं को पूछताछ के लिए समन जारी कर सकती है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

