यूपी में जलालाबाद का बदला नाम
यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: शाहजहाँपुर का ‘जलालाबाद’ अब कहलाएगा ‘परशुराम पुरी’, स्टार्टअप नीति-2026 को भी मंजूरी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक में सूबे के विकास और सांस्कृतिक पहचान को लेकर कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई है। इस कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को चर्चा के लिए पेश किया गया था, जिनमें से 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को कैबिनेट ने अपनी हरी झंडी दे दी है।
जलालाबाद का नाम बदलकर हुआ ‘परशुराम पुरी’
कैबिनेट के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों में शाहजहाँपुर जनपद के ऐतिहासिक कस्बे जलालाबाद का नाम बदलना शामिल है। जनभावनाओं और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने जलालाबाद का नाम बदलकर अब ‘परशुराम पुरी’ करने के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। मान्यता है कि यह क्षेत्र भगवान परशुराम की जन्मस्थली या उनसे गहरा जुड़ाव रखने वाला स्थल रहा है, जिसके चलते लंबे समय से इस नाम को बदलने की मांग की जा रही थी।
‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026’ को हरी झंडी
सांस्कृतिक फैसलों के साथ-साथ युवाओं और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने एक और ऐतिहासिक नीति को मंजूरी दी है:
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उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026: प्रदेश में नए उद्योगों, तकनीकी नवाचारों और युवाओं के स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए नई ‘यूपी स्टार्टअप नीति-2026’ को लागू करने के प्रस्ताव को पास कर दिया गया है।
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युवाओं को मिलेगा प्रोत्साहन: इस नई नीति के तहत राज्य के युवा उद्यमियों को वित्तीय सहायता, आसान लोन सुविधाएं, इन्क्यूबेशन सेंटर्स का विस्तार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बड़ी छूट दी जाएगी, जिससे यूपी निवेश के मामले में देश का एक प्रमुख हब बनकर उभर सके।
कुल मिलाकर, 29 में से 27 प्रस्तावों के पास होने के बाद यह साफ है कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशासनिक सुगमता और सांस्कृतिक गौरव को एक साथ आगे बढ़ाने के एजेंडे पर तेजी से काम कर रही है
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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