ईरानी हमलों से US को ₹6600 Cr चोट
ईरान का पलटवार: अमेरिकी सैन्य ठिकानों को 800 मिलियन डॉलर का बड़ा झटका 💥🇺🇸
युद्ध के दो हफ्तों में अमेरिका को अरबों की चोट
28 फरवरी, 2026 को शुरू हुई अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच की जंग अब घातक मोड़ ले चुकी है। बीबीसी और थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ (CSIS) के ताजा विश्लेषण में खुलासा हुआ है कि शुरुआती दो हफ्तों में ही ईरान के हवाई हमलों ने अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को 800 मिलियन डॉलर (लगभग ₹6,700 करोड़) का नुकसान पहुँचाया है।
THAAD रडार और एयरबेस बने निशाना 📡
ईरान ने रणनीतिक रूप से जॉर्डन, यूएई और कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है:
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महंगा नुकसान: जॉर्डन में स्थित अमेरिका के अत्याधुनिक THAAD (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) सिस्टम के रडार को भारी क्षति पहुँची है, जिसकी अकेले की कीमत 485 मिलियन डॉलर है।
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बुनियादी ढांचा: हवाई अड्डों की इमारतों और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर की तबाही से वॉशिंगटन को 310 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त चपत लगा है।
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प्रमुख टारगेट: सैटेलाइट तस्वीरों में कुवैत का अली अल-सलीम, कतर का अल-उदीद और सऊदी अरब का प्रिंस सुल्तान एयरबेस मलबे के ढेर में तब्दील नजर आ रहे हैं।
अंदाज से कहीं ज्यादा हो सकती है तबाही 📉
CSIS के विशेषज्ञ मार्क कैन्सियन के अनुसार, नुकसान का यह आंकड़ा केवल एक शुरुआती अनुमान है। हकीकत में यह तबाही और भी बड़ी हो सकती है, क्योंकि कई संवेदनशील ठिकानों की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। ईरान के सटीक मिसाइल हमलों ने अमेरिका के ‘हवाई-रक्षा’ और ‘सैटेलाइट-संचार’ सिस्टम को गहरा घाव दिया है।
मानवीय क्षति: 3200 से अधिक मौतें 🕯️
युद्ध की आग में केवल मशीनें ही नहीं, इंसान भी जल रहे हैं:
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अमेरिकी सेना: अब तक अमेरिका ने अपने 13 जांबाज सैन्य कर्मियों को खो दिया है।
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कुल मौतें: ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, मरने वालों का आंकड़ा 3,200 पार कर गया है, जिसमें 1,400 आम नागरिक शामिल हैं।
मुख्य जानकारी:
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नुकसान: 800 मिलियन डॉलर (शुरुआती 15 दिन)।
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सबसे बड़ी क्षति: THAAD रडार सिस्टम (485 मिलियन डॉलर)।
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प्रभावित देश: जॉर्डन, कुवैत, कतर, यूएई और सऊदी अरब।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (आल राइट्स मैगज़ीन )

