प्रशासन की लापरवाही ने ली जान! बरेली में कूड़े से पटी नहर में मिला युवक का शव,

सीबीगंज: नहर में गिरने से युवक की मौत, सिंचाई विभाग की लापरवाही पर डीएम ने बैठाई जांच

बरेली: सीबीगंज के नंदोसी गांव में सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण एक 30 वर्षीय युवक की जान चली गई। कूड़े और कचरे से पटी नहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यह हादसा हुआ। इस घटना के बाद नगर निगम और सिंचाई विभाग के बीच क्षेत्राधिकार को लेकर विवाद छिड़ गया है, जिसे देखते हुए जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।


दो दिन तक नहर में पड़ा रहा शव

  • मृतक की पहचान: पचा गौटिया निवासी मेघनाथ उर्फ राजू (30 वर्ष) सोमवार को मजदूरी पर निकला था, लेकिन घर नहीं लौटा।

  • लापता होने की रिपोर्ट: परिजनों ने उसकी तलाश के बाद परसाखेड़ा चौकी में गुमशुदगी की तहरीर दी थी।

  • बरामदगी: बुधवार सुबह नंदोसी पुलिया के पास नहर में शव मिलने पर पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से उसे बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार, राजू नशे का आदी था।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी

  • शून्य इंतजाम: घनी आबादी से गुजरने वाली इस नहर पर सिंचाई विभाग द्वारा न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है।

  • गंदगी का अंबार: नहर अब नाले का रूप ले चुकी है। स्थानीय लोगों के कब्जे और कचरे की वजह से यह बेहद खतरनाक स्थिति में है।

  • अधूरा रखरखाव: अक्टूबर 2025 में सफाई के बावजूद फिर से नहर में गंदा पानी और कचरा भर गया है।

नगर निगम बनाम सिंचाई विभाग

हादसे के बाद जिम्मेदारी को लेकर विभागों में खींचतान शुरू हो गई है:

  • नगर आयुक्त: संजीव कुमार मौर्य ने इसे सिंचाई विभाग की संपत्ति बताया है।

  • सिंचाई विभाग: सहायक अभियंता अजीत कुमार ने जमीन के मालिकाना हक से ही इनकार कर दिया है।

  • पार्षद का दावा: क्षेत्रीय पार्षद अंजुल ने पुष्टि की कि जमीन सिंचाई विभाग की ही है, जहाँ सालों पहले नहर खोदी गई थी।

डीएम के कड़े तेवर

मामला संज्ञान में आते ही जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में हकीकत सामने आने के बाद दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नोट: गौरतलब है कि इससे पहले 12 मार्च को सेटेलाइट क्षेत्र में भी नाले में गिरकर एक युवक की मौत हो चुकी है। लगातार हो रहे इन हादसों ने प्रशासनिक विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 रिपोर्ट: रोहिताश कुमार भास्कर

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

           (Allrights Magazine)

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