14 करोड़ के 7 फॉलकान पक्षियों के साथ अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
“उत्तर प्रदेश: लखनऊ में वन्यजीव तस्करी का बड़ा पर्दाफाश; 14 करोड़ रुपये कीमत के 7 फॉलकान पक्षियों के साथ अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार”
विशेष अपराध एवं वन्यजीव सुरक्षा रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)
लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसटीएफ ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) की टीम के सहयोग से जनपद लखनऊ से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अति दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 7 फॉलकान (Falcon) पक्षी बरामद किए गए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 14 करोड़ रुपये आंकी गई है।
1. गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण
एसटीएफ द्वारा पकड़े गए तस्कर की पहचान इस प्रकार है:
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फिरोज मुसर्रत खान (पुत्र मुसर्रत बरकतला खान, निवासी- पाँचवीं मंजिल, मोहम्मद बख्श बिल्डिंग, भायखला रेलवे स्टेशन के पास, बॉम्बे-27, मुंबई, महाराष्ट्र)।
2. बरामदगी का विवरण
अभियुक्त के पास से पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने निम्नलिखित सामग्रियां बरामद की हैं:
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7 अदद फॉलकान पक्षी (जो कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 के तहत संरक्षित एवं प्रतिबंधित प्रजाति के हैं)।
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एक मोबाइल फोन।
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एक पहचान पत्र।
3. गिरफ्तारी का समय और स्थान
यह कार्रवाई 30 अक्टूबर 2026 को शाम 07:30 बजे कमिश्नरेट लखनऊ के मदेयगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत मकान मोहल्ला, इरादत नगर से की गई।

4. तस्करी का नेटवर्क और मोडस ऑपरेंडी
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जंगलों से होती थी रिकवरी: पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उनका एक सक्रिय गिरोह है, जो उत्तर प्रदेश के विभिन्न जंगलों (विशेषकर गोरखपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर) से इन दुर्लभ और प्रतिबंधित पक्षियों को इकट्ठा करता था।
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अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सप्लाई: इन दुर्लभ पक्षियों को मुंबई के रास्ते खाड़ी देशों जैसे दुबई, सऊदी अरब और बहरीन में अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे दामों पर सप्लाई किया जाता था।
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कानूनी कार्रवाई: गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध थाना मदेयगंज, कमिश्नरेट लखनऊ में मु0अ0सं0 135/2026 धारा 9, 39, 49, 50, 51 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है तथा स्थानीय पुलिस अग्रिम विधिक कार्रवाई में जुटी है।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण
भारतीय कानून के तहत अनुसूची-1 में वे अति-दुर्लभ और लुप्तप्राय जीव आते हैं जिन्हें सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है। ऐसे बेशकीमती वन्यजीवों की तस्करी करने वाले गिरोहों का पर्दाफाश करना पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बेहद सराहनीय कदम है।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ वन्यजीव अपराधों और सुरक्षा से जुड़ी हर बड़ी अपडेट पर अपनी पैनी नजर बनाए रखती है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)
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