जनशिकायतों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को दिए गए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
“फरीदपुर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन: अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण के सख्त निर्देश”
बरेली (उत्तर प्रदेश): आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज फरीदपुर तहसील में ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ (तहसील दिवस) का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों से जुड़ी जनशिकायतों और समस्याओं को अत्यंत गंभीरता के साथ सुना गया और संबंधित अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए गए।
1. शिकायतों के समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण पर जोर
-
लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस: अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक शिकायत का समाधान निर्धारित समयावधि के भीतर होना चाहिए। कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-
पारदर्शिता और निष्पक्षता: शिकायतों की जांच पूरी संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ करने पर विशेष बल दिया गया, ताकि शासन की मंशानुरूप आम जनता को न्याय मिल सके।
2. शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि और फीडबैक
-
संतुष्टि सुनिश्चित करना: प्रशासन का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायतों का कागजी निस्तारण करना नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराना और उसकी संतुष्टि सुनिश्चित करना है।
-
जनहित सर्वोपरि: इस प्रकार के आयोजनों से दूर-दराज से आने वाले फरियादियों को एक ही मंच पर राहत मिलती है और प्रशासनिक तंत्र में जनता का विश्वास मजबूत होता है।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ प्रशासनिक पारदर्शिता, जनसुनवाई और सुशासन से जुड़ी हर खबर पूरी प्रामाणिकता के साथ अपने पाठकों तक पहुँचाती रहेगी।
उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के पति और पूर्व मैनेजर का विवाद गहराया
