भारत-चिली के बीच आर्थिक समझौता
भारत-चिली आर्थिक साझेदारी: पीयूष गोयल ने चिली के विदेश मंत्री से की मुलाकात; CEPA वार्ता की हुई समीक्षा
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार (12 मई 2026) को नई दिल्ली में चिली गणराज्य के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज़ मैककेना और उनके साथ आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाना और प्रस्तावित आर्थिक समझौतों को अंतिम रूप देना था।
बैठक के मुख्य बिंदु:
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CEPA वार्ता की समीक्षा: दोनों नेताओं ने भारत-चिली व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) की दिशा में हुई अब तक की प्रगति का जायजा लिया। इस समझौते का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार के दायरे को बढ़ाना और बाजार तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।
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रणनीतिक सहयोग: चर्चा के दौरान व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति बनी। विशेष रूप से क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों), डिजिटल सेवाओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के क्षेत्र में सहयोग पर जोर दिया गया।
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साझा समृद्धि का संकल्प: पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत, चिली के साथ अपनी दीर्घकालिक दोस्ती को बहुत महत्व देता है। सरकार साझा विकास और आर्थिक समृद्धि के लिए इन संबंधों को और विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है।

CII एनुअल बिजनेस समिट 2026
यह मुलाकात CII (भारतीय उद्योग परिसंघ) द्वारा आयोजित वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन के इतर हुई। इस दौरान श्री गोयल ने संकेत दिया कि भारत-चिली मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के माध्यम से भारत को लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति सुरक्षित करने में मदद मिलेगी, जो भारत की भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के लिए अनिवार्य है।
भारत-चिली व्यापारिक इतिहास
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2006: दोनों देशों के बीच अधिमान्य व्यापार समझौता (PTA) हुआ था।
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2017: विस्तारित PTA लागू हुआ।
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2025-26: अब दोनों देश इसे व्यापक समझौते (CEPA) में बदलने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं।
(रिपोर्ट: सोनू कुमार पत्रकार)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine

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