3 करोड़ का अवैध कोडीन सिरप जब्त, 4 गिरफ्तार
बांदा में STF का बड़ा एक्शन: 3 करोड़ रुपये की 30 हजार शीशी अवैध कोडीन सिरप बरामद, अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह के 4 दबोचे
लखनऊ/बांदा: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अंतरराज्यीय स्तर पर प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 सक्रिय तस्करों को बांदा जिले से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की इस बड़ी कार्रवाई में तस्करों के पास से ONEREX ब्रांड की 250 पेटी (कुल 30,000 शीशी) अवैध कोडीन कफ सिरप बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आंकी गई है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक डीसीएम गाड़ी और टाटा नेक्सन कार को भी जब्त कर लिया गया है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के पास घेराबंदी कर हुई गिरफ्तारी एसटीएफ प्रयागराज फील्ड इकाई की टीम को सूचना मिली थी कि दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ से अवैध कोडीन कफ सिरप की एक बड़ी खेप बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के रास्ते उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के जिलों में खपाने के लिए लाई जा रही है।
पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण और निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में एसटीएफ टीम ने 3 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे बिसंडा-अतर्रा रोड चौराहे के पास घेराबंदी की। डीसीएम के आगे चल रही टाटा नेक्सन कार और डीसीएम को रोककर जब सघन तलाशी ली गई, तो भारी मात्रा में नशीला सिरप बरामद हुआ और मौके से 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का ब्योरा:
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धीरेन्द्र कुमार: निवासी ग्राम नाहर पुरवा, थाना बिसंडा, बांदा।
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प्रवीण कुमार उर्फ लकी: निवासी लखन कॉलोनी अतर्रा, बांदा।
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रोहित पाण्डेय: निवासी शास्त्री नगर रामलीला मैदान अतर्रा, बांदा।
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शेखर सिंह: निवासी ग्राम भैना बहादुरगढ़, गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़।
बरामदगी का विवरण:
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अवैध कोडीन सिरप: 250 पेटी (30,000 शीशी) – अनुमानित कीमत ₹3 करोड़।
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वाहन: 01 डीसीएम (DL1L AA 5482) एवं 01 टाटा नेक्सन कार (UP 90 X 6386)।
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अन्य सामान: 05 मोबाइल फोन और ₹53,530 नकद।
फर्जी मेडिकल एजेंसी के जीएसटी बिलों से चल रहा था सिंडिकेट एसटीएफ की पूछताछ में अभियुक्तों ने कबूला कि वे दिल्ली (द्वारका) स्थित एक फर्मा शॉप से यह माल लाते थे। इसके बाद हमीरपुर की ‘ओम मेडिकल एजेंसी’ (जिसे वाणिज्य कर विभाग द्वारा पहले ही बोगस/निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है) के नाम पर फर्जी और कूटरचित जीएसटी इनवॉइस बिल तैयार कर इस अवैध खेप को लाते थे।
तस्कर इस नशीले सिरप के रैपर बदलकर बांदा, चित्रकूट और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में मेडिकल स्टोरों के बजाय सीधे नशा करने वालों को महंगे दामों में बेचते थे और मोटा मुनाफा आपस में बांट लेते थे।
एसटीएफ ने गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना बिसंडा, जनपद बांदा में बीएनएस (BNS) की सुसंगत धाराओं और 8/21/22/29 एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कराकर अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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