नारी शक्ति का सम्मान: यूपी में बेटियों की सुरक्षा व स्वावलंबन

“नारी शक्ति का सम्मान, भाजपा सरकार की पहचान”: कन्या सुमंगला से लेकर लखपति दीदी तक, यूपी में सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का नया अध्याय

लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश में माताओं, बहनों और बेटियों के सर्वांगीण विकास, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। “नारी शक्ति का सम्मान, भाजपा सरकार की पहचान” के मूल मंत्र को साकार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जन्म से लेकर जीवन के हर पड़ाव तक महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बहुआयामी नीतियां लागू की गई हैं।

बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता तक, सरकार ने हर चरण की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर कई ऐतिहासिक योजनाएं संचालित की हैं, जिससे प्रदेश की आधी आबादी सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है।

जीवन के हर पड़ाव पर ‘सुरक्षा और स्वावलंबन’ की गाथा

महिलाओं और बेटियों के विकास के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं ने धरातल पर व्यापक सामाजिक परिवर्तन लाया है:

  • ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ से मिली शिक्षा को उड़ान: बेटी के जन्म लेते ही उसके स्वास्थ्य, टीकाकरण और प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के लिए छह चरणों में वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इससे बालिका भ्रूण हत्या पर प्रभावी रोक लगी है और बेटियों के स्कूल ड्रॉप-आउट रेट में बड़ी कमी आई है।

  • ‘मिशन शक्ति’ और अभेद्य सुरक्षा चक्र: प्रदेश की महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए ‘मिशन शक्ति’ के तहत पुलिस स्टेशनों में महिला हेल्प डेस्क, एंटी-रोमियो स्क्वॉड और पिंक बूथों की स्थापना की गई है। महिला सुरक्षा के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के कारण आज राज्य की बेटियां पूरी आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ रही हैं।

  • ‘लखपति दीदी’ और स्वयं सहायता समूहों से आर्थिक क्रांति: ‘उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’ के तहत लाखों महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जोड़कर स्वरोजगार, बीसी सखी (Bank Sakhi), और स्थानीय उत्पादों के निर्माण का अवसर दिया गया है, जिससे ग्रामीण महिलाएं आत्म-निर्भर और ‘लखपति दीदी’ बन रही हैं।

सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश का आधार

महिला कल्याण और सशक्तिकरण को राज्य के सर्वांगीण विकास का केंद्र बिंदु बनाया गया है:

  1. मुफ्त राशन और उज्ज्वला योजना: महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त राशन योजना और ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के तहत एलपीजी (LPG) सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

  2. प्रशासनिक व सामाजिक सहभागिता: सरकारी नौकरियों, पुलिस भर्ती और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं में महिलाओं को दिए जा रहे प्रोत्साहन से उनका सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर नेतृत्व मजबूत हुआ है।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ नारी शक्ति के मान, सम्मान और स्वावलंबन को समर्पित इन लोक-कल्याणकारी नीतियों का सहर्ष स्वागत करती है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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