हार्डी संधू की सलाह ने बदली सोच
तेवर’ के सेट पर हार्डी संधू ने रेवती महुरकर को दिया करियर का बड़ा मंत्र; सलाह ने बदल दिया काम करने का नजरिया
विशेष मनोरंजन एवं बॉलीवुड ब्यूरो: मुंबई (महाराष्ट्र)
रिपोर्ट: अनिल बेदाग
कुछ मुलाकातें और कुछ प्रोजेक्ट्स किसी कलाकार के करियर की सामान्य यात्रा का हिस्सा होते हैं, लेकिन कुछ अनुभव सोच और काम करने के तरीके को हमेशा के लिए बदल देते हैं। उभरती अभिनेत्री और परफॉर्मर रेवती महुरकर के लिए प्रसिद्ध पंजाबी गायक व अभिनेता हार्डी संधू के साथ हिट म्यूजिक वीडियो ‘तेवर’ की शूटिंग ऐसा ही एक बेहद यादगार और जीवन बदलने वाला अनुभव साबित हुई।
इस प्रोजेक्ट की शूटिंग के दौरान हार्डी संधू द्वारा दी गई एक छोटी-सी सलाह रेवती के करियर का सबसे बड़ा मार्गदर्शन बन गई।
“हमेशा चयनात्मक रहो और अच्छे कलाकारों के साथ काम करो”
करियर की उस सीख को याद करते हुए रेवती महुरकर ने बताया कि हार्डी संधू ने उन्हें अपने काम को लेकर एक बहुत ही मूल्यवान सलाह दी थी:
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हार्डी की सलाह: हार्डी ने रेवती से कहा था— “अपने काम को लेकर हमेशा चयनात्मक (selective) रहो और हमेशा अच्छे व रचनात्मक कलाकारों के साथ ही काम करो।”
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नजरिए में बदलाव: रेवती के अनुसार, इस एक सलाह ने उनके मन से काम करने का संकोच दूर कर दिया और नए प्रोजेक्ट्स व सह-कलाकारों को चुनने का उनका पूरा नजरिया ही बदलकर रख दिया।
“हार्डी बेहद सच्चे इंसान, कभी पावर गेम नहीं खेलते”
हार्डी संधू और उनकी पूरी टीम के साथ काम करने के अनुभव को साझा करते हुए रेवती ने उनकी कार्यशैली की सराहना की:
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बराबरी का सम्मान: रेवती ने बताया कि हार्डी और उनकी पूरी टीम ने सेट पर उन्हें हमेशा एक सह-कलाकार के रूप में बराबरी का सम्मान दिया।
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रचनात्मक और सच्चे व्यक्तित्व: उन्होंने कहा कि हार्डी बेहद सच्चे, जमीन से जुड़े और रचनात्मक इंसान हैं, जो इंडस्ट्री में किसी भी प्रकार का ‘पावर गेम’ खेलने में विश्वास नहीं रखते। यही वजह है कि ‘तेवर’ आज भी उनके करियर का सबसे पसंदीदा प्रोजेक्ट है।
48 घंटे की लगातार शूटिंग और यादगार लम्हे
म्यूजिक वीडियो की शूटिंग के पलों को याद करते हुए रेवती ने बताया कि लगातार 48 घंटे तक शूटिंग करने के बावजूद पूरी टीम में गजब का उत्साह था। पैक-अप के बाद टीम का एक साथ बैठना, देर रात तक बातें करना, खाना और संगीत का आनंद लेना इस सफर को और भी खास बना गया।
रेवती के लिए ‘तेवर’ की सफलता से भी ज्यादा महत्वपूर्ण वह सीख और रिश्ते हैं, जो इस प्रोजेक्ट ने उन्हें दिए। आज भी वह हार्डी संधू की सलाह का पूरी निष्ठा से पालन करते हुए काम की संख्या (quantity) के बजाय गुणवत्ता (quality) को प्राथमिकता देती हैं।
मनोरंजन एवं सांस्कृतिक ब्यूरो: मुंबई
ऑल Rights मैगज़ीन (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क)
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवा

