अवैध निर्माण पर MCD की लीपापोती, एक्शन शून्य
4 मंज़िल पर तो बुलडोजर, लेकिन 4-मंज़िला परिसर में धड़ल्ले से अवैध निर्माण? MCD और दिल्ली सरकार के दोहरे रवैये पर उठे सवाल
नई दिल्ली: एक तरफ दिल्ली सरकार और नगर निगम (MCD) राजधानी भर में 4 मंज़िल से अधिक ऊंचाई वाले मकानों और अवैध निर्माणों पर सीलिंग और ढहाने (Demolition) का चाबुक चला रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ लक्ष्मी नगर के एक प्रमुख व्यावसायिक इलाके में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
लक्ष्मी नगर के सुभाष चौक स्थित B-28, मौर्य कॉम्प्लेक्स में जारी अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। हद तो तब हो गई जब आरटीआई (RTI) के ज़रिए मांगी गई जानकारी पर विभाग ठोस कार्रवाई करने के बजाय शिकायत को केवल एक मेज से दूसरी मेज पर ट्रांसफर करने में लगा हुआ है।
नियमों का दोहरा मापदंड: आम जनता पर गाज़, भू-माफियाओं को छूट?
स्थानीय नागरिकों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नगर निगम का यह रवैया पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है:
-
कार्रवाई के नाम पर सिर्फ ‘फॉरवर्ड-फॉरवर्ड’ का खेल: RTI में पूछे गए सवालों के जवाब से साफ जाहिर हुआ है कि MCD अधिकारी इस गंभीर मामले में केवल पत्राचार का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। शिकायत को एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजा जा रहा है, लेकिन मौके पर शून्य एक्शन है।
उपलब्ध प्रमुख सुविधाएं:साफ-सुथरे कमरे (Clean Rooms): स्वच्छ और शांत माहौल
-
4 मंज़िल से ऊपर सीलिंग का ढोंग: जब दिल्ली सरकार और MCD 4 मंज़िल से ऊंचे आवासीय और व्यावसायिक निर्माणों पर तत्काल सीलिंग की कार्रवाई कर रहे हैं, तो मौर्य कॉम्प्लेक्स जैसे व्यस्त क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण पर आंखें क्यों मूंद ली गई हैं?
-
सुरक्षा और हादसों को न्योता: बिना स्वीकृत नक्शे और सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर किया जा रहा यह अवैध निर्माण भविष्य में किसी बड़े हादसे या अग्निकांड का कारण बन सकता है।
MCD आयुक्त और उप-राज्यपाल से सख्त कार्रवाई की मांग
इस ढुलमुल रवैये से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने प्रशासन के आला अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया है:
-
तत्काल सीलिंग और बुलडोजर कार्रवाई: मांग की जा रही है कि B-28, मौर्य कॉम्प्लेक्स के अवैध निर्माण पर तुरंत बुलडोजर चलाया जाए और उसे सील किया जाए।
-
लापरवाह अधिकारियों पर गाज़ गिरना ज़रूरी: शिकायत को अटकाने और आरटीआई में गोलमोल जवाब देकर भू-माफियाओं को शह देने वाले संबंधित MCD इंजीनियरों और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाती है और दिल्ली नगर निगम के उच्च अधिकारियों से मांग करती है कि इस फाइल-फॉरवर्ड के खेल को बंद कर धरातल पर सख्त कार्रवाई की जाए।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)
मिजोरम यूथ कांग्रेस की बैठक: 25 हजार खाली पदों पर संग्राम!
