“आयुष्मान कार्ड से बची मेरी जान”, बुजुर्ग भावुक
“आयुष्मान भारत योजना नहीं होती तो मैं जीवित नहीं रहता”: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात में भावुक हुए बुजुर्ग
नई दिल्ली: “अगर आयुष्मान कार्ड न होता, तो आज मैं जीवित नहीं रहता…”— ये शब्द किसी बड़े भाषण या सरकारी दावे का हिस्सा नहीं, बल्कि एक उस आम बुजुर्ग के हैं जिसकी जिंदगी को ‘आयुष्मान भारत योजना’ ने एक नया जीवनदान दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के दौरान एक वरिष्ठ नागरिक ने अत्यंत भावुक होकर अपना दर्द और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
हाथ में अपना आयुष्मान कार्ड उठाकर बुजुर्ग ने जब गदगद कंठ से कहा कि “इसी के सहारे मैं आज आपके सामने जीवित खड़ा हूँ”, तो वहाँ मौजूद हर व्यक्ति का दिल छू गया।
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3 बार मिला मुफ्त इलाज, 5 लाख से अधिक की मिली मदद
बुजुर्ग ने स्वास्थ्य मंत्री को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि किस तरह गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह योजना संजीवनी बूटी साबित हो रही है:
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5 लाख रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज: लाभार्थी बुजुर्ग ने बताया कि वे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे और उनके पास महंगे इलाज के लिए पैसे नहीं थे। आयुष्मान भारत कार्ड की बदौलत उनका तीन बार पूरी तरह से मुफ्त इलाज हुआ, जिसकी कुल लागत 5 लाख रुपये से अधिक थी।
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आर्थिक तंगी से मिली निजात: बिना किसी वित्तीय बोझ या कर्ज के बेहतर अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलने से उनका परिवार एक बड़े आर्थिक संकट से बच गया।
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जमीनी धरातल पर जनकल्याण: यह घटना दर्शाती है कि जनकल्याणकारी योजनाएं जब केवल फाइलों तक सीमित न रहकर ज़मीन पर उतरती हैं, तो वे महज़ आंकड़ों का खेल नहीं होतीं, बल्कि अनमोल जिंदगियां बचाती हैं।
स्वास्थ्य क्रांति की ओर बढ़ते कदम
केन्द्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना देश के करोड़ों वंचित और जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान कर रही है:
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हर वर्ग तक पहुंच: हाल ही में सरकार ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज का दायरा बढ़ा दिया है।
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संजीवनी बनी योजना: देश के कोने-कोने से आ रही ऐसी कहानियां साबित करती हैं कि आयुष्मान भारत केवल एक कार्ड नहीं, बल्कि देश के गरीबों के लिए जीवन की गारंटी बन चुका है।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ इस मानवीय और संवेदनशील पहलू को रेखांकित करते हुए प्रार्थना करती है कि देश का हर नागरिक स्वस्थ और सुरक्षित रहे।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)
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