SIR विवाद पर चुनाव आयोग का एक्शन: 20 राज्यों में छूटे वोटरों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान

“SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग का बड़ा कदम: 20 राज्यों में छूटे और नए वोटरों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू”

नई दिल्ली: देश भर में चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने को लेकर जारी राजनीतिक घमासान और विपक्ष के भारी विरोध के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक बड़ा सुधारात्मक कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को निर्देश जारी कर 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छूटे हुए पात्र वोटरों और नए मतदाताओं को तुरंत जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान (Special Drive) शुरू करने का आदेश दिया है।

हाल ही में मतदाता सूचियों के अपडेशन के दौरान करोड़ों लोगों के नाम कटने के गंभीर आरोप विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा लगाए गए थे। इसके बाद उठे विवादों को देखते हुए आयोग ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

विशेष अभियान की मुख्य बातें और कार्ययोजना

चुनाव आयोग के हालिया निर्देशों के अनुसार, जिन 20 राज्यों व यूटी (UTs) में SIR का प्रारंभिक चरण पूरा हो चुका है, वहां निम्नलिखित व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं:

  1. ‘छूटे हुए’ वोटरों का डोर-टू-डोर सत्यापन: बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) उन इलाकों का व्यक्तिगत दौरा करेंगे जहां मतदाता सूची से नाम हटने की शिकायतें मिली हैं। अधिकारी घर-घर जाकर नागरिकों से संपर्क करेंगे और पात्र मतदाताओं की पहचान करेंगे।

  2. साधारण Form 6 का उपयोग: आयोग ने भ्रम दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि SIR प्रक्रिया के बाद चलाए जाने वाले इस विशेष निरंतर अपडेशन (Continuous Updation) अभियान में अब सामान्य Form 6 का उपयोग होगा। इसमें पहले जोड़े गए कठिन घोषणा-पत्र (Declaration Requirement) की शर्त को केवल SIR चरण तक ही सीमित कर दिया गया है, जिससे 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं और छूटे वोटरों को नाम जुड़वाने में आसानी होगी।

  3. जागरूकता शिविर और सहायता केंद्र: जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) को अपने-अपने क्षेत्रों और मतदान केंद्रों पर विशेष पंजीकरण शिविर (Special Enrolment Camps) आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निष्पक्षता और पारदर्शिता पर चुनाव आयोग का जोर

मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वोटर लिस्ट की शुद्धता और सटीकता बनाए रखना ही आयोग का मुख्य ध्येय है। आयोग ने कहा है कि बिना उचित प्रक्रिया का पालन किए या बिना सुनवाई का मौका दिए किसी भी वैध नागरिक का नाम अंतिम सूची से बाहर नहीं रहेगा। जो नागरिक किन्हीं कारणों से SIR के दौरान लिस्ट में दर्ज होने से रह गए थे, वे अब इस विशेष ड्राइव के माध्यम से अपना नाम आसानी से पुनः जुड़वा सकते हैं।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ चुनाव आयोग के इस विशेष अभियान, वोटर लिस्ट अपडेशन और देश की चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़ी हर जमीनी अपडेट पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।

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