दिल्ली: मतदाता सूची का काम जटिल
दिल्ली: बंद घर और बदले पते, पूर्वी दिल्ली में मतदाता सूची अपडेट करने में छूट रहे BLO के पसीने
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के पूर्वी दिल्ली इलाके में मतदाता सूची (Voter List) को पूरी तरह अपडेट और त्रुटिहीन बनाने के काम में जुटे बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को जमीनी स्तर पर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ‘विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण’ (Special Summary Revision) अभियान के तहत जब बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर रहे हैं, तो उन्हें बड़ी संख्या में घरों पर ताले लटके मिल रहे हैं या फिर सूची में दर्ज मतदाता उस पते को छोड़ कर कहीं और जा चुके हैं।
इन रिहायशी इलाकों में आ रही सबसे ज्यादा समस्या
विभागीय सूत्रों के अनुसार, पूर्वी दिल्ली के कई घने और प्रमुख रिहायशी इलाकों में यह समस्या बेहद गंभीर रूप ले चुकी है:
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लक्ष्मी नगर और शकरपुर: इन व्यावसायिक व रिहायशी क्षेत्रों में किराएदारों और कामकाजी लोगों की संख्या अधिक होने के कारण पते लगातार बदलते रहते हैं, जिससे सत्यापन बेहद पेचीदा हो गया है।
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जाफराबाद और चांद बाग: इन क्षेत्रों में भी संकरी गलियों और मकानों के बार-बार री-कंस्ट्रक्शन या शिफ्टिंग के कारण मतदाताओं को खोजना चुनौती बना हुआ है।
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जगतपुरी व अन्य क्षेत्र: यहाँ भी बड़ी संख्या में लोग पुराने घरों को छोड़कर या तो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अन्य शहरों (नोएडा, गाजियाबाद) में शिफ्ट हो गए हैं या उनके घरों पर ताले लटके मिले हैं।
क्यों जटिल हो गया है मतदाता सूची को अपडेट करना?
बीएलओ और निर्वाचन कार्य से जुड़े कर्मियों के अनुसार, इस बार का सत्यापन अभियान निम्नलिखित कारणों से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है:
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मकानों का बंद मिलना: दिन के समय अधिकांश कामकाजी परिवार घरों से बाहर रहते हैं, जिससे बीएलओ को बार-बार एक ही चक्कर काटना पड़ रहा है।
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बिना सूचना पता बदलना: बहुत से मतदाताओं ने अपना पुराना घर बेच दिया है या किराएदार दूसरी जगहों पर चले गए हैं, लेकिन उन्होंने मतदाता सूची में अपना नाम नए पते पर ट्रांसफर नहीं करवाया है।
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डेटा मिसमैच: पुरानी सूचियों में दर्ज मकान नंबर और वर्तमान में जमीनी स्तर पर बदले हुए मकान नंबरों के कारण भी टीम असमंजस की स्थिति में है।
निर्वाचन आयोग का रुख
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जो घर लगातार बंद मिल रहे हैं या जहाँ के मतदाता शिफ्ट हो चुके हैं, उनके संबंध में पंचनामा या निर्धारित नोटिस की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। आम जनता से भी अपील की जा रही है कि यदि उन्होंने अपना निवास स्थान बदल लिया है, तो वे स्वयं ऑनलाइन (Voter Portal के माध्यम से) या अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म-8 भरकर अपना पता दुरुस्त करवा लें, ताकि आने वाले चुनावों में उन्हें मतदान से वंचित न होना पड़े।
रिपोर्ट: फिरदौस आलम (सहयोग: दुष्यंत शर्मा), नई दिल्ली
- (गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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