दिल्ली मास्टर प्लान 2047: भविष्य की नई दिल्ली

दिल्ली मास्टर प्लान 2047: भविष्य की नई दिल्ली का महा-रोडमैप

नई दिल्ली – देश की राजधानी दिल्ली को आगामी दशकों की चुनौतियों के अनुकूल, आधुनिक और विश्वस्तरीय स्वरूप देने के उद्देश्य से ‘दिल्ली मास्टर प्लान 2047’ (MPD-2047) का आधिकारिक खाका प्रस्तुत किया गया है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में इस महत्वाकांक्षी 20-वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट को जारी किया गया।

यह नया मास्टर प्लान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को धरातल पर उतारने और दिल्ली की projected 3.2 करोड़ आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।

दिल्ली मास्टर प्लान 2047 की प्रमुख विशेषताएं

  • 40 लाख नए घरों का लक्ष्य: बढ़ती आबादी और परमाणु परिवारों (Nuclear Families) की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 30 से 40 लाख नए किफायती आवास इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। इसमें ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ नीति के तहत झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टर्स का इन-सिटू पुनर्विकास शामिल है।

  • मेट्रो और मोबिलिटी विस्तार: दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का विस्तार बढ़ाकर 695 किलोमीटर किया जाएगा। साथ ही 6 नए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर, इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क, और भविष्य में एयर टैक्सियों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।

  • 30 मीटर चौड़ी सड़कों पर व्यावसायिक छूट: आवासीय क्षेत्रों में स्थित सभी 30 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों के भूतल (Ground Floor) पर व्यावसायिक गतिविधियों को संचालित करने की अनुमति दी गई है।

  • 24×7 नाइटलाइफ़ और इकोनॉमी: दिल्ली को 24 घंटे गतिशील रखने के लिए विशेष टूरिज्म हब और नाइटलाइफ कॉरिडोर चिन्हित किए जाएंगे, जहां देर रात तक आर्थिक गतिविधियां और सार्वजनिक परिवहन सुलभ रहेगा।

  • अनधिकृत कॉलोनियों का कायाकल्प: 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों के विकास को सरल बनाते हुए एरिया-बेस्ड रीडेवलपमेंट (Area-Based Redevelopment) मॉडल लागू किया गया है।

  • यमुना पुनरुद्धार और ग्रीन कवर: यमुना नदी में गिरने वाले सभी 22 नालों का पूर्ण उपचार (Sewage Treatment) और वजीराबाद से ओखला बैराज के बीच 1,700 हेक्टेयर बाढ़ क्षेत्र का पारिस्थिकीय जीर्णोद्धार (Ecological Restoration) किया जाएगा।

समावेशी विकास पर जोर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 1,484 वर्ग किलोमीटर के सीमित भौगोलिक दायरे में रहने के बावजूद यह प्लान ग्रामीण क्षेत्रों, अनधिकृत कॉलोनियों और सुनियोजित कॉलोनियों—सभी के संतुलित विकास की गारंटी देता है। यह मास्टर प्लान दिल्ली को न केवल एक स्वच्छ और सुरक्षित राजधानी बनाएगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगा।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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