दिल्ली: कूड़े के पहाड़ साफ, 100 एकड़ जमीन मुक्त
दिल्ली के कूड़े के पहाड़ बन रहे अतीत की बात: 100 एकड़ जमीन हुई कचरा मुक्त, सड़क निर्माण और ऊर्जा उत्पादन में हो रहा इस्तेमाल
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को कचरे के विशाल पहाड़ों से मुक्ति दिलाने और पर्यावरण सुधार की दिशा में चल रहे अभियान ने बड़ी सफलता हासिल की है। ओखला, भलस्वा और गाजीपुर स्थित लैंडफिल साइट्स (Landfill Sites) पर वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग कर करीब 2.16 करोड़ मीट्रिक टन कचरे का सफल निस्तारण किया जा चुका है। इस बड़े अभियान के माध्यम से अब तक लगभग 100 एकड़ मूल्यवान भूमि को कचरे के ढेर से पूरी तरह मुक्त करा लिया गया है।
सड़क निर्माण और भराव में गाजीपुर के निष्क्रिय कचरे का उपयोग वैज्ञानिक तरीके से कचरे के बायो-माइनिंग और प्रसंस्करण (Processing) के बाद निकलने वाले निष्क्रिय कचरे (Inert Waste) का रीसाइक्लिंग कर सदुपयोग किया जा रहा है। गाजीपुर लैंडफिल साइट से निकलने वाले इस कचरे का इस्तेमाल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा सड़क निर्माण परियोजनाओं और शहर के निचले इलाकों को समतल करने व भरने में किया जा रहा है। इससे न केवल बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है, बल्कि लैंडफिल पर दबाव भी कम हुआ है।
4 नए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट से थमेगा नए कचरे का अंबार भविष्य में कचरे के नए ढेर बनने से रोकने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) और संबंधित एजेंसियां व्यापक रणनीति पर काम कर रही हैं। इसके तहत दिल्ली में 4 नए वेस्ट-टू-एनर्जी (Waste-to-Energy) प्लांट्स स्थापित करने की योजना पर काम तेजी से जारी है। इन अत्याधुनिक संयंत्रों की मदद से रोजाना निकलने वाले ठोस कचरे से बिजली और ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा, जिससे शहर को स्वच्छ और हरित बनाने का संकल्प साकार होगा।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

