रामाडा एनकोर बरेली में डेटा चोरी

बरेली के फाइव स्टार होटल “रामाडा एनकोर” में डेटा कांड! नौकरी छोड़ने से पहले कर्मचारी पर ग्राहकों की गोपनीय जानकारी ले जाने का आरोप, दो पर FIR


(बरेली): उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में स्थित एक प्रतिष्ठित फाइव स्टार होटल “रामाडा एनकोर” में कथित रूप से एक बड़ा डेटा कांड सामने आया है। होटल में कार्यरत एक कर्मचारी पर आरोप है कि उसने नौकरी छोड़ने से पहले होटल के कंप्यूटर सिस्टम से ग्राहकों की गोपनीय जानकारी (सेंसिटिव डेटा) और महत्वपूर्ण व्यावसायिक रिकॉर्ड्स चुरा लिए। इस घटना के बाद होटल प्रबंधन और वीआईपी ग्राहकों में हड़कंप मच गया है। डिजिटल सबूत मिटाने के लिए सिस्टम से कई अहम फाइलें डिलीट भी कर दी गई हैं, जिससे ग्राहकों की निजता (प्राइवेसी) पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

नौकरी छोड़ते ही खेल गया बड़ा खेल, सिस्टम से फाइलें गायब

जानकारी के अनुसार, रामाडा एनकोर होटल के मानव संसाधन (HR) विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने पुलिस को इस पूरे मामले की लिखित शिकायत सौंपी है।

  • अचानक छोड़ी नौकरी: शिकायत में बताया गया कि होटल का कर्मचारी फरीद खान अचानक अपनी नौकरी छोड़कर चला गया। शुरुआत में प्रबंधन ने इसे एक सामान्य इस्तीफा माना था।

  • जांच में खुली पोल: फरीद के जाने के बाद जब होटल प्रशासन ने रूटीन चेकिंग के तहत कंप्यूटर सिस्टम और डिजिटल रिकॉर्ड्स की स्क्रूटनी की, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। सिस्टम से ग्राहकों का संवेदनशील डेटा, आंतरिक दस्तावेज और कई महत्वपूर्ण व्यावसायिक फाइलें गायब थीं।

डेटा चोरी की साजिश में दो लोगों पर मुकदमा दर्ज

होटल प्रबंधन का आरोप है कि डिजिटल साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से फाइलों को कंप्यूटर से पूरी तरह डिलीट कर दिया गया है, जिसके कारण डेटा को बैकअप से दोबारा रिकवर करने में तकनीकी टीमों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस पूरे खेल में अकेले फरीद खान ही नहीं, बल्कि एक अन्य व्यक्ति का नाम भी सामने आया है:

“शिकायत के मुताबिक, इस डेटा चोरी की साजिश में मोहम्मद साजिद अंसारी नाम के एक अन्य व्यक्ति ने फरीद खान का पूरा सहयोग किया था। बारादरी थाना पुलिस ने होटल प्रबंधन की तहरीर के आधार पर आरोपी फरीद खान और मोहम्मद साजिद अंसारी के खिलाफ नामजद मुकदमा (FIR) दर्ज कर लिया है।”

ग्राहकों की प्राइवेसी पर खतरा, पुलिस खंगाल रही डिजिटल फुटप्रिंट्स

फाइव स्टार होटल में रुकने वाले ग्राहकों में अमूमन बड़े कारोबारी, राजनेता और वीआईपी लोग शामिल होते हैं। ऐसे में उनकी बेहद निजी और गोपनीय जानकारी लीक होना सुरक्षा और निजता के लिहाज से बेहद गंभीर मामला है। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस संवेदनशील डेटा का किसी भी रूप में दुरुपयोग हुआ, तो इसके बेहद गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

उधर, मामला दर्ज करने के बाद बारादरी थाना पुलिस पूरी मुस्तैदी से जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर सेल की मदद से कंप्यूटर प्रणालियों के डिजिटल साक्ष्यों और लॉग्स को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चुराया गया डेटा किस स्टोरेज डिवाइस या सर्वर पर ट्रांसफर किया गया है और आरोपियों का इसके पीछे असली मकसद क्या था।


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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