CMRL रिश्वतकांड: वीणा विजयन पर ED की रेड
केरल सीएम के परिवार से जुड़ी वीणा विजयन पर ED का शिकंजा: CMRL रिश्वतकांड और वित्तीय हेराफेरी पर कोझिकोड में छापेमारी
कोच्चि/कोझिकोड – प्रवर्तन निदेशालय (ED), कोच्चि जोनल कार्यालय ने ‘कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड’ (CMRL) से जुड़े कॉर्पोरेट धोखाधड़ी और रिश्वत के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई की है। ED की टीमों ने 18 अगस्त 2026 को कोझिकोड में 9 विभिन्न ठिकानों पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया।
यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री पी. विजयन की पुत्री श्रीमती वीणा और उनकी कंपनी ‘एम/एस एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ (Exalogic Solutions Pvt. Ltd.) द्वारा प्राप्त किए गए संदिग्ध भुगतानों और वित्तीय हेराफेरी से जुड़ा हुआ है।
SFIO की जांच से हुआ था 182 करोड़ का खुलासा
ED ने गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (SFIO) द्वारा दर्ज आपराधिक शिकायत (3 अप्रैल 2025) के आधार पर अपनी PMLA जांच शुरू की थी।
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फर्जी खर्च: SFIO की जांच में सामने आया था कि CMRL ने 15 वर्षों के दौरान 182 करोड़ रुपये के फर्जी नकद खर्च दिखाए, जिनका उपयोग विभिन्न प्रभावशाली व्यक्तियों को रिश्वत देने के लिए किया गया।
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2.78 करोड़ का फर्जी आईटी भुगतान: CMRL ने वीणा की ‘वन-पर्सन कंपनी’ (Exalogic) को आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं के नाम पर बिना कोई सेवा लिए 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया।
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50 लाख का लोन: CMRL के एमडी शशीधरन कार्था द्वारा संचालित ‘एम/एस एम्पावर इंडिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट’ ने एक्सालॉजिक को समय पर भुगतान न करने के बावजूद 50 लाख रुपये का अतिरिक्त ऋण दिया।
हस्तलिखित डायरी और दुबई में रुपयों का ट्रांसफर
ED द्वारा वीणा विजयन और CMRL प्रमोटरों पर मई 2026 में की गई पिछली छापेमारी के दौरान हाथ से लिखी गई डायरियां और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए थे:
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हाथ से लिखे खाते (Handwritten Accounts): बरामद दस्तावेजों में विभिन्न व्यक्तियों के नाम, लेनदेन की गई राशि और दुबई (AED) में भेजे गए पैसों का ब्योरा दर्ज है।
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दुबई मनी ट्रांसफर: डायरी के नोटिंग्स के अनुसार, लगभग 3.49 लाख AED (भारतीय मुद्रा में करीब 85 लाख रुपये) हवाला व अन्य माध्यमों से दुबई ट्रांसफर किए गए।
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करोड़ों का नकद लेनदेन: भारतीय मुद्रा में करीब 20.05 करोड़ रुपये के नकद लेनदेन के विवरण मिले हैं।
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अज्ञात स्रोतों से आय: ED की जांच में पाया गया कि वीणा विजयन के पास उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक मात्रा में फंड का प्रबंधन किया जा रहा था, जो कि CMRL से प्राप्त रकम से भी काफी ज्यादा है।
फर्जी सिम कार्ड और हवाला नेटवर्क का पर्दाफाश
छापेमारी के दौरान जब्त डिजिटल उपकरणों से एक अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी सिम कार्ड की तस्वीर मिली, जिसे वाई-फाई राउटर के जरिए इंटरनेट कॉल करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। 18 अगस्त को की गई छापेमारी में उन सभी व्यक्तियों को कवर किया गया जिनके नाम हस्तलिखित खातों में दर्ज थे और जिसने फर्जी सिम कार्ड प्रदान किया था।
जांच के दौरान कई डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं और हवाला चैनलों के जरिए फंड ट्रांसफर करने के ठोस सबूत मिले हैं। ED इस मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर रही है और आगे की जांच जारी है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

