सीएम योगी का ‘रामकथा’ में बड़ा बयान
सीएम योगी का बड़ा बयान: ‘जिनके मन में देश के प्रति निष्ठा नहीं, उनके लिए भारत धर्मशाला नहीं’
(लखनऊ): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र विरोधी तत्वों और देश के संस्कारों का अनादर करने वालों के खिलाफ बेहद कड़ा और दो-टूक रुख अपनाया है [cite: मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने दो-टूक कहा कि जिनके मन में भारत के प्रति आस्था, निष्ठा नहीं है और जो संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, ऐसे लोगों के लिए भारत की धरती धर्मशाला नहीं हो सकती।]। लखनऊ में आयोजित 9 दिवसीय रामकथा महोत्सव के भव्य समापन समारोह में रामभक्तों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जिनके मन में भारत के प्रति आस्था और निष्ठा नहीं है, उनके लिए देश की पवित्र धरती कोई धर्मशाला नहीं हो सकती [cite: जिनके मन में देश के प्रति आस्था व निष्ठा नहीं, उनके लिए भारत की धऱती धर्मशाला नहीं हो सकतीः मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने दो-टूक कहा कि जिनके मन में भारत के प्रति आस्था, निष्ठा नहीं है और जो संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, ऐसे लोगों के लिए भारत की धरती धर्मशाला नहीं हो सकती।, मुख्यमंत्री मंगलवार को राजधानी में 9 दिवसीय रामकथा महोत्सव के समापन समारोह में रामभक्तों को संबोधित कर रहे थे।]।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने रामद्रोहियों को आड़े हाथों लेते हुए ‘लव और लैंड जिहाद’ जैसी नकारात्मक ताकतों के खिलाफ पूरे समाज को एकजुट होकर खड़े होने का आह्वान किया [cite: लव व लैंड जिहाद के विरुद्ध समाज को एकजुट होकर खड़ा होना होगा, लव व लैंड जिहाद के प्रति आगाह करते हुए सीएम ने कहा कि इसके विरुद्ध समाज को एकजुटता के साथ खड़ा होना होगा।]।
तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने किया कथा वाचन
सीतापुर रोड स्थित सेवा अस्पताल परिसर में आयोजित इस भव्य 9 दिवसीय महोत्सव में प्रख्यात तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा रामकथा का वाचन किया गया, जिसका मुख्यमंत्री ने खुद श्रवण भी किया [cite: मुख्यमंत्री मंगलवार को राजधानी में 9 दिवसीय रामकथा महोत्सव के समापन समारोह में रामभक्तों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रामकथा का श्रवण भी किया। कथा का वाचन तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा किया गया।, 9 दिवसीय इस रामकथा का आयोजन सीतापुर रोड स्थित सेवा अस्पताल परिसर में किया गया।]:
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राम नाम में हर समस्या का समाधान: गोरक्षपीठाधीश्वर ने कहा कि राजनीति और पूर्वाग्रह से ग्रसित कुछ गिने-चुने लोगों को छोड़ दिया जाए, तो हर वो भारतवासी जिसके भीतर भारत का डीएनए (DNA) है, उसने मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्शों को अपनाया है [cite: राजनीति व पूर्वाग्रह से ग्रसित कुछ चुनिंदा नामों को छोड़ दें तो हर भारतवासी, जिसके अंदर भारत का डीएनए है, उसने भगवान राम के आदर्शों को जीवन का हिस्सा बनाया है।]। प्रभु राम का नाम उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक पूरे अखंड भारत को जोड़ने का सामर्थ्य रखता है।
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अदालत ने माना- सैकड़ों वर्षों का अन्याय: राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि साल 2019 में जब सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की फुल बेंच ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया, तब एक जस्टिस ने स्वामी रामभद्राचार्य जी के अकाट्य साक्ष्यों व वक्तव्यों को सुनकर स्वयं यह स्वीकार किया था कि सनातन धर्मावलंबियों के साथ सैकड़ों वर्षों से अन्याय हो रहा था [cite: 2019 में सर्वोच्च न्यायालय की फुल बेंच के न्यायमूर्तियों ने अपने फैसले में कहा कि जहां रामलला विराजमान हैं, वहीं रामजन्मभूमि है। इसे लेकर साक्ष्य-प्रमाण और विद्वानों के वक्तव्य भी दिए गए थे। सर्वोच्च न्यायालय के एक न्यायमूर्ति ने स्वामी रामभद्राचार्य जी के बारे में कहा कि जब मैंने उनके वक्तव्य को सुना तो लगा कि सनातन धर्मावलंबियों के साथ सैकड़ों वर्षों से अन्याय हो रहा था।]।
‘लव और लैंड जिहाद’ पर प्रहार: मारीच व रावण का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामायण काल के प्रसंगों को वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों से जोड़ते हुए समाज की सज्जन शक्ति को आगाह किया:
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नारी गरिमा की रक्षा और लव जिहाद: सीएम ने कहा कि रावण द्वारा माता जानकी का अपहरण करने के बाद प्रभु राम ने सुदूर दक्षिण तक जाकर नारी गरिमा की रक्षा की [cite: रावण ने मां जानकी का अपहरण किया। भगवान राम ने यत्न कर उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ा। नारी गरिमा की रक्षा लव जिहाद को रोकने के लिए आदर्श उदाहरण हो सकता है।]। यह प्रसंग आज के दौर में ‘लव जिहाद’ को रोकने का सबसे बड़ा आदर्श उदाहरण है। केरल हाई कोर्ट ने भी वर्षों पहले डेमोग्राफी बदलने की इस साजिश पर चिंता जताई थी [cite: केरल उच्च न्यायालय ने 2009 व 2011 में रिलीजियस डेमोग्राफी को चेंज करने की साजिश पर चिंता व्यक्त की, लेकिन उस समय भी ध्यान नहीं दिया गया।]। यूपी सरकार ने 2020 में इसके खिलाफ सख्त कानून बनाया, लेकिन अब भी व्यापक जनजागरूकता की जरूरत है।
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लैंड जिहाद के खिलाफ खड़े हों: मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि रामायण काल के राक्षस मारीच, सुबाहु और खर-दूषण भी एक प्रकार के ‘लैंड जिहाद’ से ही जुड़े थे, जो ऋषियों के आश्रमों और खाली जमीनों पर जबरन कब्जे करते थे। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि “अब किसी भी खाली सरकारी या निजी जमीन पर अवैध रूप से तंबू गाड़ने की प्रथा को पूरी तरह बंद होना चाहिए”।
मामा और चाचाओं पर सीएम का तीखा कटाक्ष
कथा प्रसंग के दौरान मुख्यमंत्री ने रावण के मामा मारीच और दुर्योधन के मामा शकुनि का हवाला देते हुए व्यवस्था पर गहरा तंज कसा:
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कुसंग की ओर ले जाने वाले: सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा कि जब मामा और चाचा अनुचित व्यवस्थाओं का हिस्सा बन जाते हैं, तो वे समाज को सन्मार्ग (सही रास्ते) पर ले जाने के बजाय हमेशा कुसंगति और विनाश की तरफ धकेलते हैं [cite: सीएम ने कटाक्ष किया कि मारीच रिश्ते में रावण का मामा लगता था। मामा व चाचा अनुचित व्यवस्था में पड़ते हैं तो कुसंग की तरफ ले जाते हैं, सन्मार्ग की तरफ नहीं।]। शकुनि के इसी कुसंग के कारण महाभारत जैसा महाविनाशकारी युद्ध हुआ था।
‘रामद्रोहियों को धरती पर कभी जगह नहीं मिली’
गोरक्षपीठाधीश्वर ने दोटूक कहा कि इतिहास गवाह है, जिसने भी प्रभु श्रीराम के साथ द्रोह किया, उसे इस धरती पर कभी सिर छुपाने की जगह नहीं मिली। रावण और मारीच जैसे महाशक्तिशाली और उच्च कुल में पैदा हुए लोग भी अपने रामद्रोह के कारण अंततः ‘पशुवत’ मारे गए [cite: मारीच, रावण समेत रामायण काल के अनेक उदाहरण हैं, जो उच्च कुल व श्रेष्ठ व्यवस्था में जन्म लेने के बाद भी पशुवत मारे जाते हैं, क्योंकि उन्होंने राम के साथ द्रोह किया।]। इसके विपरीत, जो भी राम की शरण में आया, चाहे वे महाबली हनुमान हों या विभीषण, वे युगों-युगों के लिए पूज्य हो गए।
समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने बताया कि जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी अब आगामी 6 महीने के लिए अपनी ‘एकांतिक साधना’ पर प्रस्थान कर रहे हैं [cite: सीएम ने कहा कि छह माह के लिए उनका फिर से एकांतिक साधना के लिए प्रस्थान हो रहा है।]। उन्होंने कामना की कि जगद्गुरु की यह राष्ट्रमंगल साधना संपूर्ण देश के लिए कल्याणकारी सिद्ध हो। इस खास समापन अवसर पर क्षेत्रीय विधायक नीरज बोरा ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ देकर भव्य स्वागत किया।

लखनऊ से दीपक चंद्रा
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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