अमृत 2.0 के तहत 17 प्रोजेक्ट पास

यूपी में अमृत 2.0 के तहत 17 बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी; वाराणसी, आगरा और गोरखपुर को मिलेगी पेयजल-सीवरेज की सौगात

विशेष रिपोर्ट

(लखनऊ): उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है [cite: बैठक में शहरी क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कुल 17 परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अनुमोदन प्रदान किया गया।]। मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आयोजित अमृत 2.0 के अंतर्गत 18वीं स्टेट हाई पावर स्टीयरिंग कमेटी (SHPSC) की बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को हरी झंडी दे दी गई है [cite: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अमृत 2.0 के अंतर्गत 18वीं स्टेट हाई पावर स्टीयरिंग कमेटी की बैठक सम्पन्न, लखनऊः मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में अमृत 2.0 के अंतर्गत 18वीं स्टेट हाई पावर स्टीयरिंग कमेटी (एसएचपीएससी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहरी क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कुल 17 परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अनुमोदन प्रदान किया गया।]।

इस महत्वाकांक्षी फैसले से प्रदेश के लाखों नागरिकों को सीधे तौर पर शुद्ध पेयजल और अत्याधुनिक सीवरेज सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

मंजूर की गईं कुल 17 परियोजनाओं का वर्गीकरण:

कमेटी द्वारा अनुमोदित की गई परियोजनाओं को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

  • पेजल परियोजनाएं: 4

  • सीवरेज परियोजनाएं: 10

  • अमृत सरोवर परियोजनाएं: 3

वाराणसी: 1.75 लाख घरों को मिलेगा सुरक्षित पेयजल

पेजल क्षेत्र के विकास के लिए वाराणसी नगर निगम के विस्तारित और पुराने क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है:

  • ये योजनाएं हुईं स्वीकृत: वाराणसी में सिस वरुणा जलापूर्ति योजना (फेज-1, लहरतारा जोन), सिस वरुणा जलापूर्ति योजना (फेज-1, पार्ट-बी, चितपुर जोन), जिला 2बी एवं 2सी की ओल्ड ट्रांस वरुणा जोन जलापूर्ति योजना, तथा ओल्ड सिस वरुणा क्षेत्र में जलापूर्ति संवर्धन व विस्तार योजना को मंजूरी मिली है [cite: बैठक में अनुमोदित पेयजल परियोजनाओं के अंतर्गत वाराणसी नगर निगम के विस्तारित क्षेत्रों में सिस वरुणा जलापूर्ति योजना (फेज-1, लहरतारा जोन), सिस वरुणा जलापूर्ति योजना (फेज-1, पार्ट-बी, चितपुर जोन), जिला 2बी एवं 2सी की ओल्ड ट्रांस वरुणा जोन जलापूर्ति योजना तथा ओल्ड सिस वरुणा क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था के संवर्धन एवं विस्तार को स्वीकृति प्रदान की गई।]।

  • सीधा फायदा: इन योजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद वाराणसी के लगभग 1.75 लाख घरों को सुरक्षित और नियमित नल का जल (पेजल कनेक्शन) मिलने लगेगा।

सीवरेज नेटवर्क: 3 लाख घरों को जोड़ने की तैयारी

शहरी जल निकासी और स्वच्छता को दुरुस्त करने के लिए वाराणसी, आगरा और गोरखपुर में बड़े कार्यों को हरी झंडी मिली है:

  • वाराणसी में सीवरेज विस्तार: लहरतारा, दीनापुर व चितईपुर जोन की सीवरेज योजनाओं के साथ ही जोन 2बी व 2सी में ट्रांस वरुणा सीवरेज योजना, डिस्ट्रिक्ट-1 (ओल्ड सिस वरुणा) सीवरेज योजना, डिस्ट्रिक्ट-2ए सीवरेज योजना तथा विस्तारित लमही जोन में ट्रांस वरुणा सीवरेज योजना (फेज-1, पार्ट-बी) को मंजूरी दी गई है [cite: सीवरेज क्षेत्र में वाराणसी नगर निगम के लहरतारा, दीनापुर एवं चितईपुर जोन की सीवरेज योजनाओं के साथ-साथ जोन 2बी एवं 2सी में ट्रांस वरुणा सीवरेज योजना, डिस्ट्रिक्ट-1 (ओल्ड सिस वरुणा) सीवरेज योजना, डिस्ट्रिक्ट-2ए सीवरेज योजना (ओल्ड सिस वरुणा) तथा विस्तारित क्षेत्र लमही जोन में ट्रांस वरुणा सीवरेज योजना (फेज-1, पार्ट-बी) को मंजूरी दी गई।]। इससे करीब 3 लाख घरों को सीवरेज कनेक्शन मिलेगा।

  • गोरखपुर: यहाँ गोड़धोइया नाले के चैनलाइजेशन कार्य (फेज-2) को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है [cite: इसके अतिरिक्त गोरखपुर में गोड़धोइया नाले के चैनलाइजेशन कार्य (फेज-2), आगरा जनपद के धांधुपुरा क्षेत्र में 100 एमएलडी क्षमता के एसबीआर तकनीक आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण तथा मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र में वृंदावन स्थित 8.0 एमएलडी यूएएसबी आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के एसबीआर तकनीक में तकनीकी उन्नयन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।]।

  • आगरा व मथुरा: आगरा के धांधुपुरा में 100 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता के नए SBR तकनीक आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण होगा [cite: इसके अतिरिक्त गोरखपुर में गोड़धोइया नाले के चैनलाइजेशन कार्य (फेज-2), आगरा जनपद के धांधुपुरा क्षेत्र में 100 एमएलडी क्षमता के एसबीआर तकनीक आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण तथा मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र में वृंदावन स्थित 8.0 एमएलडी यूएएसबी आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के एसबीआर तकनीक में तकनीकी उन्नयन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।]। वहीं, मथुरा-वृंदावन नगर निगम के तहत वृंदावन में स्थित पुराने 8.0 MLD प्लांट को नई SBR तकनीक में अपग्रेड (तकनीकी उन्नयन) किया जाएगा [cite: इसके अतिरिक्त गोरखपुर में गोड़धोइया नाले के चैनलाइजेशन कार्य (फेज-2), आगरा जनपद के धांधुपुरा क्षेत्र में 100 एमएलडी क्षमता के एसबीआर तकनीक आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण तथा मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र में वृंदावन स्थित 8.0 एमएलडी यूएएसबी आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के एसबीआर तकनीक में तकनीकी उन्नयन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।]।

तीन प्राचीन और महत्वपूर्ण तालाब बनेंगे ‘अमृत सरोवर’

जल संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तीन जनपदों में जलाशयों का कायाकल्प किया जाएगा [cite: बैठक में तीन अमृत सरोवर परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई, जिनमें बुलन्दशहर में प्राचीन नागेश्वर मंदिर के निकट स्थित तालाब का विकास, सुलतानपुर जनपद की लम्बुआ नगर पंचायत के तुलसी नगर स्थित मलिन बस्ती के तालाब का विकास तथा बाराबंकी के सैदुआ तालाब का विकास कार्य शामिल है।]:

  1. बुलन्दशहर: प्राचीन नागेश्वर मंदिर के निकट स्थित ऐतिहासिक तालाब का सौंदर्यीकरण और विकास [cite: बैठक में तीन अमृत सरोवर परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई, जिनमें बुलन्दशहर में प्राचीन नागेश्वर मंदिर के निकट स्थित तालाब का विकास, सुलतानपुर जनपद की लम्बुआ नगर पंचायत के तुलसी नगर स्थित मलिन बस्ती के तालाब का विकास तथा बाराबंकी के सैदुआ तालाब का विकास कार्य शामिल है।]।

  2. सुलतानपुर: लम्बुआ नगर पंचायत के तुलसी नगर स्थित मलिन बस्ती के तालाब का पुनरुद्धार [cite: बैठक में तीन अमृत सरोवर परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई, जिनमें बुलन्दशहर में प्राचीन नागेश्वर मंदिर के निकट स्थित तालाब का विकास, सुलतानपुर जनपद की लम्बुआ नगर पंचायत के तुलसी नगर स्थित मलिन बस्ती के तालाब का विकास तथा बाराबंकी के सैदुआ तालाब का विकास कार्य शामिल है।]।

  3. बाराबंकी: ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के संतुलन हेतु सैदुआ तालाब का संपूर्ण विकास कार्य [cite: बैठक में तीन अमृत सरोवर परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई, जिनमें बुलन्दशहर में प्राचीन नागेश्वर मंदिर के निकट स्थित तालाब का विकास, सुलतानपुर जनपद की लम्बुआ नगर पंचायत के तुलसी नगर स्थित मलिन बस्ती के तालाब का विकास तथा बाराबंकी के सैदुआ तालाब का विकास कार्य शामिल है।]।

मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि धरातल पर आम नागरिकों को इसका लाभ अविलंब मिल सके [cite: मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल ने कहा कि अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाएं प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में पेयजल, सीवरेज एवं जल संरक्षण संबंधी आधारभूत ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करेंगी। उन्होंने संबंधित विभागों को परियोजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए ताकि नागरिकों को शीघ्र लाभ प्राप्त हो सके।]।

इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास श्री पी. गुरुप्रसाद और प्रबंध निदेशक जल निगम (शहरी) श्री रवीन्द्र कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे [cite: बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास श्री पी. गुरुप्रसाद, प्रबंध निदेशक जल निगम (शहरी) श्री रवीन्द्र कुमार सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।]।


लखनऊ से दीपक चंद्रा

(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)

यूपी में जनगणना कार्य की दैनिक समीक्षा!

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