‘वोकल फॉर लोकल’ पर सीएम योगी की अपील

वोकल फॉर लोकल’ को बनाएं व्यवहार का अंग: सीएम योगी ने आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लिए स्थानीय सामर्थ्य पर दिया जोर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को केवल एक विचार या नारे तक सीमित न रखकर अपने दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने का विशेष आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब समाज स्थानीय उत्पादों का सम्मान करेगा और उन्हें प्राथमिकता देगा, तब न केवल राज्य के पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्पियों को स्वरोजगार मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार भी खुलेंगे।

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और अपनी स्थानीय सामर्थ्य पर अटूट विश्वास ही आत्मनिर्भर एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का असली मार्ग प्रशस्त करेगा।

स्थानीय कारीगरों, रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस आह्वान के केंद्र में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और औद्योगिक क्षमता ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं:

  • कारीगरों और हुनरमंदों को संबल: स्थानीय स्तर पर निर्मित सामानों, मिट्टी के बर्तनों, हथकरघा और पारंपरिक उत्पादों की मांग बढ़ने से ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को नई ऊर्जा मिलती है।

  • युवाओं के लिए रोजगार का सृजन: ‘वोकल फॉर लोकल’ के जरिए स्थानीय बाजार मजबूत होते हैं, जिससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार और स्टार्टअप शुरू करने की प्रेरणा मिलती है।

  • उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति: स्थानीय उत्पादों की बिक्री और निर्यात बढ़ने से प्रदेश की जीडीपी (GDP) को मजबूती मिलती है और आयात पर निर्भरता कम होती है।

प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और आत्मनिर्भरता का मार्ग

पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय हुनर के मेल पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया:

  1. पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद: स्थानीय और पारंपरिक उत्पाद प्रकृति के अनुकूल (Eco-friendly) होते हैं। इन्हें अपनाकर हम न केवल अपनी संस्कृति को बचाते हैं, बल्कि पर्यावरण का भी संरक्षण करते हैं।

  2. आत्मनिर्भर भारत और उत्तर प्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश को अपने स्थानीय सामर्थ्य पर विश्वास जताना होगा।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ भी प्रदेश की सम्मानित जनता से अपील करती है कि वे त्योहारों और दैनिक जीवन में स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें और आत्मनिर्भर भारत के इस महायज्ञ में अपना योगदान दें।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

मिजोरम यूथ कांग्रेस की बैठक: 25 हजार खाली पदों पर संग्राम!

लखनऊ में सीएम योगी का ‘जनता दर्शन’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: